आज हम आपको एक ऐसे किसान के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से अपने आप को इस काबिल बना लिया है कि वह महीने के डेढ़ लाख रुपए खेत से कमा रहे हैं। आपको बता दे कि यह युवा किसान जिन्होंने सरकारी नौकरी का ऑफर ठूकरा कर खेती को चुना है। हम जिस किसान के बारे में बात कर रहे हैं वह गया जिले के बोधगया प्रखंड स्थित बगदाहा गांव के रहने वाले हैं इसका नाम श्रीनिवास है यह किसान सालाना आधुनिक खेती के जरिए 20 लाख रुपए की कमाई कर रहे हैं। आपको बता दे कि यह किसान जलकुंभी से वर्मी कंपोस्ट तैयार करते हैं और इससे अच्छा खासा पैसा कमाते हैं।
सपने को त्याग बने किसान
किसान श्रीनिवास का कहना है कि उन्होंने कभी अपने सपने में भी नहीं सोचा था कि वह खेती का रास्ता अपनाएंगे और कभी खेती भी करेंगे लेकिन आज वह खेती कर रहे हैं। आपको बता दे की श्रीनिवास का बचपन का सपना था कि वह इंटरनेशनल स्तर पर एथलीट बने। इतना ही नहीं इन्होंने अपने स्कूली कैरियर और कॉलेज के करियर में कई तरह की प्रतियोगिता भी जीती है। इतना ही नहीं उनकी मेहनत और लगन के साथ उनके प्रतिभा को देखते हुए पुलिस विभाग द्वारा इनको सिपाही की नौकरी भी ऑफर की लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया क्योंकि इन्हें इंटरनेशनल एथलीट बनने का सपना पूरा करना था।
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लेकिन इसके बाद जब इनके पिता की मृत्यु हो गई तब इनको अपने सभी सपनों को त्यागना पड़ा और सपना त्यागने के साथ ही इन्हें गांव जाकर रहना पड़ा इनके पास उनके पुश्तैनी लगभग 10 एकड़ जमीन है जिस पर इन्होंने खेती करने का निश्चय किया पहले तो उनको कई मुसीबतो का सामना करना पड़ा लेकिन कृषि वैज्ञानिकों के सलाह लेते हुए कई प्रकार के क्रांतिकारी कार्य किया और कृषि के क्षेत्र में रामपाल द्वारा इनको सम्मानित किया गया है।
वर्मी कंपोस्ट करते हैं तैयार
किसान श्रीनिवास का कहना है कि वह राज्य भर में और पूरे जिले भर में एक पहले से किसान है जो जलकुंभी से वर्मी कंपोस्ट तैयार करते हैं। इतना ही नहीं बीते लगभग 10 सालों से उनके गांव में 3 किलोमीटर क्षेत्र में पहले तालाबों से जलकुंभी को साफ किया और यह जलकुंभी एक ऐसा पौधा है जो अगर मछली खा जाए तो इससे उसकी मृत्यु हो जाती है और जलीय जीवों की भी से मृत्यु हो जाती है यह पानी को पूरी तरह से ढक देता है और ऑक्सीजन को पूरी तरह से बंद कर देता है।
जिसकी वजह से ऐसे में मछली और जलीय जीवों की मृत्यु हो जाती है। आपको बता दे की जलकुंभी से बनी वर्मी खाद में करीब 19 प्रतिशत पोटाश और 9% फास्फोरस मिलता है जो खेती के लिए बहुत ज्यादा उपयोगी होता है। इसलिए वर्मी कंपोस्ट की बहुत ज्यादा डिमांड रहती है।
वर्मी कंपोस्ट से कमाई
किसान श्रीनिवास लगभग 10 एकड़ जमीन में नर्सरी और वर्मी कंपोस्ट के साथ पारंपरिक खेती के माध्यम से साल भर में लगभग 20 लाख रुपए की कमाई कर लेते हैं। इतना ही नहीं इस वर्मीकंपोस्ट से किसान 50 शेड से सालाना 2 लाख किलो खाद का निर्माण करते हैं जिसके बाद ₹4 प्रति किलो के हिसाब से बेचकर ₹800000 रुपए तक की कमाई कर लेते हैं। इतना ही नहीं इसके साथ ही पारंपरिक खेती से साल भर में लगभग चार लाख रुपए कमा लेते हैं। इस प्रकार किसान आज सालना में लाखों रुपए कमा रहा है।