मटर की खेती किसानों के लिए मुनाफे का सौदा साबित हो रही है। पहाड़ी किसानों को ₹45 तक मंडी भाव मिल रहा है। चलिए आपको बताते हैं कौन सी वेराइटी लगा रहे हैं-
मटर की खेती
मटर की खेती के लिए ठंडी जलवायु की जरूरत होती है। जिसमें आपको बता दे की हिमाचल प्रदेश में इस समय मटर की खेती से किसानों को फायदा हो रहा है। मटर की कीमत 45 से लेकर ₹50 किलो तक उन्हें मिल रही है। कुछ समय पहले मटर के दाम ₹30 किलो थी। लेकिन इस समय कीमतों में उछाल देखा जा रहा है। इसके कई कारण हो सकते हैं। उसके बारे में आगे हम जानने जा रहे हैं।
आपको बता दे कि हिमाचल प्रदेश में मटर की बहुत बढ़िया रेट इस समय मिल रहे हैं। जुन्गा तहसील के सिरमौर सीमा से पहाड़ी मटर विभिन्न मंडियों में पहुंच रहे हैं। जिसमें बुधवार के दिन सोलन और दिल्ली सब्जी मंडी में मटर की कीमत ₹45 किलो तक पहुंच गई है। जिससे किसानों को अच्छा मुनाफा हो रहा है किसान बेहद खुश है।
आवक की कमी और ओलावृष्टि का प्रकोप
मटर की डिमांड अधिक होने से कीमत अच्छी मिल रही है। लेकिन आपको बता दे की ट्रांसपोर्टर का कहना है कि पिछले साल से इस साल मटर की फसल कम देखने को मिल रही है, और कुछ जगहों में ओलावृष्टि के कारण फलिया भी सफेद हो गई है। पर उनकी भी कीमत सही मिल रही। किसानों को नुकसान नहीं हो रहा है।

कृषि विभाग से ₹80 की सब्सिडी
कृषि विभाग से मटर की खेती में बड़ी मदद मिली थी। ₹130 वाले बीज पर ₹80 का अनुदान सरकार की तरफ से मिला था। जिसमें एचपीएम 1 किस्म की वैरायटी मटर के किसानों को सब्सिडी पर दी गई थी। यह बढ़िया वैरायटी के बीज होता है। जिससे किसानों को अच्छा उत्पादन भी मिला है। हिमाचल प्रदेश में इस समय बढ़िया मटर मिल रहा है।
अप्रैल तक और ज्यादा बढ़िया उत्पादन होगा। देश के अंदर राज्यों में मटर का सीजन खत्म हो गया है। लेकिन हिमाचल से मटर पहुंच रही है। इस तरह हिमाचल प्रदेश के किसानों को मटर की hpm1 वैरायटी से अच्छा मुनाफा हो रहा।