गर्मियों में भी गुलाब का पौधा से फूल लेना चाहते हैं, पौधे को मुरझाने से बचाना चाहते हैं, तो चलिए आपको इन सब के लिए जुगाड़ बताते हैं-
गर्मी से पौधे मुरझा जाते हैं
मौसम में बदलाव हो रहा है, अब तेज धूप निकलने लगी हैं, ऐसे में पौधे जल्दी मुरझा जाते हैं, जो लोग दिन में 2 बार पानी नहीं दे पाते हैं उनके पौधे बिल्कुल मुरझा जाते हैं। फूल कम आने लगते है। लेकिन अगर आप कुछ बातों का ध्यान रखेंगे तो गर्मियों में भी अच्छे फूल आएंगे। तो चलिए आपको बताते हैं कि अप्रैल में कौन-कौन से काम करने हैं। खाद कब कैसे देनी है। क्या चीज है जो करने से मिट्टी लंबे समय तक नम रहेगी।
गर्मी में खाद डालते समय इन बातों का रखें ध्यान
गर्मी में खाद देने की मात्रा, समय आदि का ध्यान रखना चाहिए। नहीं तो फूल मुरझा जाते हैं। गर्मी में रासायनिक खाद बिल्कुल नहीं डालना चाहिए। जैविक खाद भी आप दे रहे हैं। तो उसकी मात्रा को कम कर देना चाहिए। क्योंकि गर्मियों में खाद पौधे को और ज्यादा गर्म करेगी। जिसमें आप वर्मी कंपोस्ट खाद दे सकते हैं। एक महीने के अंतराल में यहां पर आपको 12 इंच के गमले के लिए सिर्फ 5 चम्मच वर्मी कंपोस्ट खाद, 3 चम्मच चाय पत्ती जो की इस्तेमाल की हुई चाय पत्ती है उसे धोकर सुखाकर लेना है और एक चम्मच केले छिलके का पाउडर लेना है।
इन तीनो चीजों को मिलाकर, मिट्टी की गुड़ाई करके उसमें मिलाएं और पानी दें। अगर आपके पास वर्मी कंपोस्ट खाद नहीं है तो तीन चम्मच चाय पत्ती की खाद और एक चम्मच केले के छिलके की खाद 20 दिन के अंतराल में पौधों को दें। केले के छिलके सुखाकर पीसकर पाउडर खाद बनाया जाता है।

गर्मी में पौधे मुरझाने से कैसे बचाएं
गर्मी में मिट्टी जल्दी सूख जाती है। जिससे पौधे भी मुरझा जाते हैं। ऐसे में आपको कुछ बातों का ध्यान रखना है। पहले आपको मिट्टी की गुड़ाई कर देनी है। उसके बाद उसके ऊपर मल्चिंग करना है। मल्चिंग करने से मिट्टी में लंबे समय तक नमी रहती है। मल्चिंग करने के लिए आप सूखे पत्तों का इस्तेमाल कर सकते हैं। मिट्टी की गुड़ाई करके सूखे पत्ते बिखेर दें और उसके ऊपर हल्की मिट्टी डाल दें।
अगर आपके पास कोकोपीट है तो सूखे पत्तों की जगह पर कोकोपीट डाल दीजिए और फिर मिट्टी से हल्की एक परत मिट्टी से ढक दीजिए। यहां पर ध्यान रखना है पहले गुड़ाई करनी है फिर मल्चिंग करनी है और उसके ऊपर हल्की मिट्टी डालनी है। उसके बाद पानी देना है
गर्मी में पौधों को धूप से बचाने के लिए ग्रीन शेड नेट का भी इस्तेमाल करें। दिन में दो बार पानी दे। सुबह बढ़िया पौधों को पानी से नहलाएं, स्प्रे करें।