MP की यह प्याज दूसरे राज्यों में मचा रही धमाल, खड़े-खड़े ट्रॉली भरकर बेंच रहे किसान, 45 दिन की फसल बना रही मालामाल

On: Sunday, December 7, 2025 3:46 PM
MP की प्याज की कौन-सी वेराइटी डिमांड में है?

MP की यह प्याज किसानों को अच्छा-खासा मुनाफा दे रही है। यह कम समय में तैयार होकर लगातार डिमांड में बनी हुई है। आइए इसका नाम और खासियत बताते हैं।

MP की प्याज की कौन-सी वेराइटी डिमांड में है?

मध्य प्रदेश में इस समय कई किसान प्याज की पौध तैयार करके दूसरे राज्यों में बेच रहे हैं। इनमें प्याज की देसी किस्म की सबसे ज्यादा डिमांड है, जो राजस्थान के करौली में भारी मात्रा में बिक रही है। यह वेराइटी मध्य प्रदेश के विजयपुर में तैयार हो रही है।

किसान बताते हैं कि मात्र 45 दिन में यह फसल तैयार हो जाती है और फिर इसकी बिक्री कर दी जाती है। यह इतनी डिमांड में है कि घंटे-दो घंटे में पूरी बिक जाती है। खेती करने वाले तथा घर पर बागवानी करने वाले लोग भी इसकी खरीदी कर रहे हैं। आइए आपको बताते हैं कि प्याज की यह देसी वेराइटी कैसे तैयार की जाती है और इसकी खासियत क्या है, जिससे यह इतनी लोकप्रिय है।

प्याज की इस देसी वेराइटी की खासियत क्या है?

इस देसी वेराइटी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि खेत में लगाने पर यह जल्दी तैयार हो जाती है। पौधे तैयार करने वाले और प्याज तैयार करने वाले दोनों तरह के किसानों को इसमें अच्छा फायदा मिलता है।

इसका स्वाद भी बेहतरीन होता है। सलाद, सब्जी और अन्य व्यंजनों में इसका खूब इस्तेमाल होता है। एक बीघा में इसकी खेती करने पर किसानों को लगभग 200 मन तक उत्पादन मिल सकता है। इसका स्वाद कुरकुरा होता है और क्वालिटी भी बेहतरीन होती है। एक किलो देसी लाल प्याज के पौधे अगर किसान खेत में लगा दें, तो उन्हें 20 किलो तक या उससे अधिक उत्पादन मिल सकता है। राजस्थान के किसान इससे काफी लाभ कमा रहे हैं।

देसी लाल प्याज की नर्सरी कैसे तैयार की जाती है?

मध्य प्रदेश के किसान इस देसी लाल प्याज की नर्सरी तैयार करते समय कई बातों का विशेष ध्यान रखते हैं

  • खेत की तैयारी अच्छे से की जाती है।
  • हाइब्रिड व अच्छी क्वालिटी के बीज चुने जाते हैं।
  • मिट्टी तैयार करने के बाद बीजों को खेत में डाला जाता है और पानी देकर नमी बनाए रखी जाती है।
  • आवश्यकता पड़ने पर निराई-गुड़ाई की जाती है।
  • लगभग 45 दिन में नर्सरी पूरी तरह तैयार हो जाती है।
  • खेत में खरपतवार बिल्कुल नहीं रहने दिया जाता।
  • मौसम अनुकूल हो तो पौधे तेजी से विकसित होते हैं और उनकी गुणवत्ता भी बेहतर होती है।
  • खेत की मिट्टी उपजाऊ तथा प्याज के लिए उपयुक्त प्रकार की होती है, जिससे पौधे मजबूत बनते हैं।

राजस्थान के किसानों को इससे अच्छा उत्पादन मिलता है, इसी वजह से यह वेराइटी हर साल डिमांड में रहती है और आगे भी किसानों को इसी तरह फायदा पहुंचाती रहेगी।

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