दुधारू पशु पाले पैसा देगी सरकार, 8 लाख रु तक मिलेगा अनुदान, जानिए क्या है समग्र गव्य विकास योजना और किसे मिलेगा फायदा

On: Tuesday, December 30, 2025 11:50 AM
समग्र गव्य विकास योजना क्या है

समग्र गव्य विकास योजना के तहत किसानों और पशुपालकों को दुधारू पशुओं के पालन के लिए 50 से 75 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है।

समग्र गव्य विकास योजना क्या है

किसानों और पशुपालकों के हित में उन्हें आर्थिक मदद देने के लिए सरकार कई तरह की योजनाएं चला रही है। इन्हीं में से एक है बिहार सरकार की समग्र विकास योजना 2024-25। इस योजना के तहत दुधारू पशुओं के पालन के लिए किसानों और पशुपालकों को ₹8,00,000 तक का अनुदान दिया जा रहा है।

इस योजना को शुरू करने के पीछे सरकार का उद्देश्य दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। योजना के अंतर्गत पशुओं के पालन, डेयरी फार्म, उपकरण, प्रशिक्षण और पशु चिकित्सा जैसी सुविधाओं में आर्थिक सहायता दी जाएगी। आइए जानते हैं कि किन-किन पशुओं के पालन के लिए अनुदान मिलेगा और किस पशुपालक को कितना लाभ दिया जाएगा।

दुधारू पशुओं के लिए कितना अनुदान मिलेगा

दुधारू पशुओं में गाय, भैंस और बकरी का पालन किया जा सकता है। समग्र विकास योजना के तहत इन पशुओं के पालन पर अनुदान दिया जाता है। पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के किसानों को 75 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी, जबकि अन्य श्रेणी के किसानों को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा इस योजना के अंतर्गत मवेशी चिकित्सा सुविधा, प्रशिक्षण, डेयरी फार्म उपकरण और अन्य आवश्यक संसाधनों में भी सहायता प्रदान की जाएगी।

दुधारू पशुओं के पालन के लिए सरकार से मदद कैसे मिलेगी

जो किसान और पशुपालक गाय, भैंस या बकरी का पालन करना चाहते हैं, वे सरकार से सब्सिडी के लिए आवेदन कर सकते हैं। बिहार के किसानों और पशुपालकों की आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदन के लिए आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), जमीन के कागजात, बैंक पासबुक, पैन कार्ड और निवास प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज आवश्यक होंगे। सभी दस्तावेजों के साथ आवेदन संबंधित कार्यालय में जमा करना होगा। योजना से जुड़ी अधिक जानकारी जिला पशुपालन पदाधिकारी के कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।

यह भी पढ़े- इस पेड़ से महिलाएं लखपति बन रही, सैकड़ों की संख्या में महिलाएं सुपर फूड के उत्पाद बना रही हैं, सरकार से मिल रहा है प्रशिक्षण