अगर सब्जी की खेती करते हैं, तो आज आपको एक ऐसी मशीन की जानकारी दे रहे हैं, जो कतार में और एक समान दूरी पर पौधों की रोपाई करती है। खास बात यह है कि यह मशीन पौधे लगाने के साथ-साथ पानी भी देती है।
सब्जी के पौधे रोपने की मशीन के फायदे
सब्जी की खेती में किसानों को अच्छा मुनाफा मिलता है, लेकिन इसमें कई तरह के खर्च भी आते हैं। पौधों की रोपाई, उनकी देखभाल, निराई-गुड़ाई और मजदूरी पर काफी खर्च हो जाता है। अगर किसान सही दूरी पर पौधों की रोपाई नहीं करते हैं, तो पौधों का विकास सही नहीं हो पाता। इससे उत्पादन घटता है और नुकसान होने की संभावना बढ़ जाती है।
मजदूरी का खर्च लगातार बढ़ रहा है और समय भी ज्यादा लगता है। देरी होने पर किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए रांची स्थित बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में पौधे रोपने का एक यंत्र तैयार किया गया है, जो सब्जी किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है।
अगर आप बड़े पैमाने पर सब्जी की खेती करते हैं, तो इस मशीन का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे समय की बचत होती है, मजदूरी की लागत घटती है और एक दिन में लगभग तीन एकड़ तक की जमीन में पौधों की रोपाई की जा सकती है।
वेजिटेबल ट्रांसप्लांटर कैसे काम करता है
इस पौधारोपण यंत्र को ट्रैक्टर की मदद से चलाया जाता है। इसमें पौधे रखने के लिए दो व्यक्ति बैठते हैं और एक चालक ट्रैक्टर चलाता है। कुल मिलाकर तीन लोगों की जरूरत होती है। इसमें बैठने के लिए सीट की सुविधा होती है और चलाने के लिए क्लच व गियर सिस्टम दिया गया है।
इस मशीन में ऐसे टायर लगे होते हैं, जो खेत में आसानी से चल जाते हैं। इसमें काम करना आसान होता है और ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती। साथ ही इसमें पानी की टंकी भी लगी होती है, जिससे पौधे लगाने के तुरंत बाद सिंचाई हो जाती है।
पौधारोपण का यंत्र कितने रुपए में मिलेगा
बड़े पैमाने पर सब्जी की खेती करने वाले किसानों के लिए यह वेजिटेबल ट्रांसप्लांटर बेहद लाभकारी है। अगर आप इसे खरीदना चाहते हैं, तो इसकी कीमत लगभग 1,30,000 रुपए बताई जा रही है। इस मशीन को खरीदने के लिए आप रांची स्थित बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के कृषि यंत्र विभाग से संपर्क कर सकते हैं। वहां मौजूद वर्कशॉप में यह यंत्र उपलब्ध है, जहां जाकर किसान इसे देख भी सकते हैं।
इस यंत्र से सिर्फ पौधारोपण ही नहीं, बल्कि खेत की तैयारी और निराई-गुड़ाई का काम भी किया जा सकता है। इस मशीन में कुल चार फीचर दिए गए हैं, जो किसानों के काम को आसान बनाते हैं और खेती को ज्यादा लाभकारी बनाते हैं।

नमस्ते, मैं निकिता सिंह । मैं 3 साल से पत्रकारिता कर रही हूं । मुझे खेती-किसानी के विषय में विशेषज्ञता प्राप्त है। मैं आपको खेती-किसानी से जुड़ी तरो ताजा खबरें बताउंगी। मेरा उद्देश्य यही है कि मैं आपको ‘काम की खबर’ दे सकूं । जिससे आप समय के साथ अपडेट रहे, और अपने जीवन में बेहतर कर सके। ताजा खबरों के लिए आप https://khetitalks.com के साथ जुड़े रहिए । धन्यवाद













