VB-G RAM G Scheme: मजदूरों की हुई बल्ले-बल्ले, 7 दिन में मिलेगा पैसा, 15 दिन हुई देरी तो मिलेगा ब्याज, जी राम जी स्कीम का बजट बढ़ा

On: Saturday, January 3, 2026 12:15 PM
विकसित भारत की जी राम जी एक्ट का बजट कितना है

VB-G RAM G Scheme: मजदूरों के लिए विकसित भारत की जी राम जी कानून का बजट 72% बढ़ेगा, जिससे काम करते ही पैसा मिलेगा। यदि 15 दिन में पेमेंट नहीं हुआ तो मजदूरों को ब्याज मिलेगा।

विकसित भारत जी राम जी एक्ट

मजदूरी करके ही कई लोग अपना घर चलाते हैं। अगर मजदूरी का पैसा समय पर नहीं मिलता या समय पर काम नहीं मिलता, तो उनकी आर्थिक स्थिति बहुत ज्यादा खराब हो जाती है। ऐसे में दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना मनरेगा के स्थान पर अब जी राम जी कानून लाया गया है। इस एक्ट के अंतर्गत मजदूरों की किस्मत चमकने वाली है।

जी हां आपको बता दें कि विकसित भारत की जी राम जी एक्ट के तहत अब मजदूर काम करेंगे तो सप्ताह भर, यानी 7 दिन के अंदर ही उनका पैसा मिल जाएगा। मान लीजिए किसी कारण से भुगतान में 15 दिन की देरी होती है, तो मजदूरों को 0.05 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलेगा। यानी मजदूरी से भी ज्यादा पैसा मिलने की संभावना रहेगी। जी राम जी योजना के बारे में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कई फायदे बताए हैं। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

जी राम जी एक्ट के अंतर्गत मजदूरों को कितने दिन मिलेगा काम

जैसा कि आप जानते हैं, मनरेगा के अंतर्गत 100 दिन का रोजगार मिलता था, लेकिन जी राम जी एक्ट के आने के बाद 125 दिन के काम की कानूनी गारंटी मिलेगी। वहीं अगर काम नहीं मिलता है तो बेरोजगारी भत्ता भी दिया जाएगा। यानी हर तरीके से सरकार की ओर से आर्थिक मदद मिलेगी और मजदूरी भुगतान में देरी नहीं होगी। यह इस योजना की बड़ी खासियत है।

साथ ही महिलाओं के लिए भी इसमें खास नियम तय किए गए हैं। ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार कुल कार्यों में एक तिहाई, यानी 33 प्रतिशत हिस्सा महिलाओं को मिलना अनिवार्य होगा। सिर्फ मजदूरी ही नहीं, बल्कि महिलाओं के लिए अन्य कार्य भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके। जब ज्यादा समय तक काम मिलेगा और मजदूरी समय पर मिलेगी, तो इस योजना का बजट बढ़ना भी तय है। आइए जानते हैं इसका बजट कितना है।

विकसित भारत की जी राम जी एक्ट का बजट कितना है

विकसित भारत की जी राम जी एक्ट के बजट की बात करें, तो इसमें 72 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। पिछले बजट में यह राशि 88,000 करोड़ रुपये थी, लेकिन अब ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा इसे बढ़ाकर 1,51,182 करोड़ रुपये प्रस्तावित किया गया है।

साथ ही आपको बता दें कि प्रशासनिक व्यय को भी 6 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया है। इससे रोजगार सहायकों के वेतन में देरी और भुगतान की समस्या नहीं आएगी। मनरेगा के स्थान पर लाई गई यह योजना मजदूरों के लिए अधिक हितकारी साबित होगी। समय के साथ इसमें किए गए बदलाव मजदूरों और किसानों, दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध होंगे।

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