गेहूं की 2 नई वैरायटी हुई विकसित, बाकियों से है अलग, रोग-प्रतिरोधक क्षमता ज्यादा, कम पानी में देगी बंपर उत्पादन, जलवायु परिवर्तन का नहीं होगा असर

On: Friday, November 28, 2025 12:06 PM
गेहूं की नई वैरायटी

गेहूं की खेती करने वाले किसानों को बाजार में गेहूं की दो नई उन्नत किस्में मिलेंगी, जो किसानों को अधिक उत्पादन देंगी। पानी की समस्या होने पर भी फसल अच्छी होगी।

गेहूं की नई वैरायटी

गेहूं की खेती हमारे देश में कई राज्यों में की जाती है। आपको बता दें कि भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने दो नई वैरायटी विकसित की हैं, जिससे किसानों को अच्छा उत्पादन मिलेगा। यह दूसरी वैरायटियों से अलग है। पानी कम होने पर भी यह अच्छा उत्पादन देगी तथा जलवायु परिवर्तन सहन कर लेगी। वातावरण का प्रभाव इसमें बाकियों की तुलना में कम पड़ेगा। रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी इसमें ज्यादा है।

दिल्ली-एनसीआर के आसपास के राज्यों के किसानों के लिए यह दोनों वैरायटी बढ़िया हैं। मध्य प्रदेश के किसान भी इसकी खेती कर सकते हैं। इन दो नई गेहूं की वैरायटी का नाम एचडी 3406 और एचडी 3410 है, जो कम पानी में ज्यादा उत्पादन देने की क्षमता रखती हैं।

प्रति हेक्टेयर कितना मिलेगा उत्पादन?

रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार, गेहूं की एचडी 3406 और एचडी 3410 के उत्पादन की बात की जाए तो एचडी 3406 प्रति हेक्टेयर 65 से 67 क्विंटल तक उत्पादन दे सकती है और यह रतुआ रोग के प्रति प्रतिरोधी है। यह 130 दिन में पक जाती है। इसके अलावा, एचडी 3410 की बात की जाए तो इसका औसत उत्पादन 54.7 क्विंटल तथा संभावित उत्पादन 70.4 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के किसानों के लिए यह बेहतर वैरायटी है।

अधिकारियों का कहना है कि यह वैरायटी किसानों को कम जमीन में ज्यादा उत्पादन देने वाली है और इसका गेहूं सेवन के लिए भी अच्छा है। इसमें प्रोटीन होता है, जो सेहत के लिए फायदेमंद है। अगर किसानों के क्षेत्र की जलवायु पल-पल बदलती रहती है, तो यह वैरायटी उनके लिए अच्छी है, क्योंकि यह जलवायु परिवर्तन के वातावरण को सहन कर सकती है।

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