इस लेख में हम आपको एक ऐसी महिला किसान की सफलता की कहानी बताने जा रहे हैं जो आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल करके एक लाख रुपए महीना कमा रही है।
खेतों में दवा छिड़ककर कमाई
अच्छी फसल पाने के लिए समय-समय पर खेत में दवा छिड़कनी पड़ती है, लेकिन यह मेहनत का काम है, पूरे दिन धूप में काम करना पड़ता है, लेकिन अब इस काम को महिलाओं ने आसान बना दिया है, जिसमें आज हम बात कर रहे हैं 33 वर्षीय सोनलबेन पपबहार की, जो राजकोट की रहने वाली हैं और वह किसानों के खेतों में दवा छिड़कती हैं, जिससे वह महीने में ₹80000 से ₹100000 तक कमा लेती हैं।
पिछले साल उन्होंने 12 लाख रुपए कमाए, जिसमें वो बताती हैं कि उन्होंने 1 साल में 3000 एकड़ जमीन में दवा का छिड़काव किया है, इससे किसान काफी खुश हैं क्योंकि उन्हें खेत में जाने की जरूरत नहीं है, ये बहन एक जगह खड़ी होकर पूरा खेत में दवा छिड़क रही हैं तो चलिए आपको बताते हैं कि वो कैसे ये काम कर रही हैं।

दीदी को इस योजना से ताकत मिली
किसानों को खेत में घूमकर दवा का छिड़काव करना जरूरी नहीं है, वह खेत के कोने में खड़े होकर कृषि ड्रोन की मदद से पूरे खेत में दवा का छिड़काव कर सकते है। 8 घंटे का काम 8 मिनट में पूरा किया जा सकता है। जी हां, राजकोट की सोनलबेन भी कृषि ड्रोन का इस्तेमाल करती हैं और खेतों में एक जगह खड़े होकर दवा का छिड़काव करती हैं, वो बताती हैं कि नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत उन्हें ड्रोन चलाने की शिक्षा मिली है, तो आइए जानते हैं इसके बारे में, कैसे महिला किसान भी ऐसी योजना का लाभ उठाकर मदद कर सकती हैं और कमाई कर सकती हैं।
15 दिनों की ट्रेनिंग थी
नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत महिलाओं को लखपति बनाया जा रहा है, उन्हें ड्रोन चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है, ड्रोन पर सरकार की तरफ से सब्सिडी दी जाती है, जिसमें महिला ने नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत पुणे में 15 दिनों की ट्रेनिंग ली, ये ट्रेनिंग उन्हें इफको की तरफ से दी गई, जिसके बाद उन्होंने ड्रोन चलाने का ज्ञान हासिल कर लिया है।
वो कहती हैं कि ड्रोन की ट्रेनिंग के साथ उन्हें एक फ्री ई-थ्री-व्हीलर भी मिला है। अब वो ड्रोन दीदी के नाम से मशहूर हो गई हैं. जिन्हें भी अपने खेतों में दवा का छिड़काव करना होता है, वो उन्हें बुलाते हैं क्योंकि फिर दवा छिड़कने में किसान को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती।
नमो ड्रोन दीदी एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है महिलाओं के लिए लाभकारी योजना है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं के नेतृत्व वाले स्वयं सहायता समूहों को कृषि सेवाएं प्रदान करने के लिए ड्रोन तकनीक से लैस करके उन्हें सशक्त बनाना है। इस योजना से महिलाएं कमाई कर रही है।

नमस्ते, मैं निकिता सिंह । मैं 3 साल से पत्रकारिता कर रही हूं । मुझे खेती-किसानी के विषय में विशेषज्ञता प्राप्त है। मैं आपको खेती-किसानी से जुड़ी तरो ताजा खबरें बताउंगी। मेरा उद्देश्य यही है कि मैं आपको ‘काम की खबर’ दे सकूं । जिससे आप समय के साथ अपडेट रहे, और अपने जीवन में बेहतर कर सके। ताजा खबरों के लिए आप https://khetitalks.com के साथ जुड़े रहिए । धन्यवाद












