आम की बागवानी के लिए बरसात का मौसम सबसे उत्तम होता है किसान आम के पौधे लगाने से सबसे पहले उन्नत और उत्तम किस्मों का चयन करें क्योकि अच्छी किस्मों की डिमांड और कीमत दोनों ही बाजार में अच्छी देखने को मिलती है। जिससे मोटा प्रॉफिट कमाया जा सकता है।
आम की बागवानी के लिए उत्तम है ये किस्में
आम की खेती भारत देश में बहुत बड़े पैमाने पर की जाती है अगर किसान इसकी बागवानी के बारे में सोच रहे है तो मानसून का सीजन सबसे अच्छा माना जाता है इन दिनों आम की बागवानी के लिए पौधे तैयार किये जा सकते है आम की बागवानी के लिए अच्छी गुणवत्ता वाली और मार्केट में जो ज्यादा डिमांड में रहती है उन किस्मों का चयन करना लाभदायक साबित होता है। आज हम आपको आम की कुछ ऐसी किस्मों के बारे में बता रहे है जो बागवानी के लिए बहुत उपयुक्त होती है। आम की बागवानी में एक बार पौधे लगाने के बाद पेड़ सालों साल फल देता है जिससे कई सालों तक कमाई होती रहती है।
दशहरी आम की किस्म
आम की प्रमुख किस्मों की बात की जाए तो दशहरी का नाम सबसे पहले आता है आम की ये किस्म मार्केट में बहुत डिमांडिंग होती है। क्योकि ये मीठा, रसीला और सुगंधित आम है जिसका रंग पकने पर हल्के हरे से पीले रंग का हो जाता है। ये आम खाने में बहुत स्वादिष्ट होता है इसलिए लोग इसको खाना बहुत पसंद करते है ये अपनी विशिष्ट गुणवत्ता के कारण विदेशों में भी काफी मशहूर है। इसकी खेती के लिए अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी सर्वोत्तम होती है। इसके पौधे पहले नर्सरी में तैयार किये जाते है फिर खेत में रोपा जाता है।

आम की हापूस किस्म
हापूस आम की एक प्रमुख और लोकप्रिय किस्म है इसकी मांग और कीमत दोनों ही बाजार में बहुत होती है क्योकि ये अपनी मिठास, सुगंध और मलाईदार गूदे के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। गुणवत्ता और स्वाद के कारण ये भारत की सबसे महंगी और उच्च गुणवत्ता वाली किस्मों में से एक है मानसून में आम की बागवानी के लिए हापूस आम के पौधों को जरूर लगाना चाहिए। इसकी खेती के लिए उचित जल धारण वाली दोमट मिट्टी, पर्याप्त धूप, और नियमित सिंचाई की जरूरत होती है। इसके पौधे बीज के माध्यम से लगाए जाते है इसके पौधों को हर साल उचित मात्रा में खाद देना आवश्यक है।

आम की आम्रपाली किस्म
मानसून में आम की आम्रपाली किस्म के पौधे भी लगाए जा सकते है ये एक संकर किस्म है ये एक बौनी प्रजाति है जो सघन बागवानी के लिए आदर्श होती है और कम जगह में भी अच्छी उपज देती है। इस किस्म के फल गूदेदार, रेशारहित होते है और कैरोटीन से भरपूर होते है इसलिए इसकी मांग भी बाजार में काफी अधिक होती है। ये बोनी किस्म है इसलिए इसे लगभग 2.5 x 2.5 मीटर की दूरी पर लगाना चाहिए। एक हेक्टेयर में इसके 1500 से 1600 पौधे तक उगाया जा सकता है। आप इसकी खेती से लाखों रूपए का मुनाफा कमा सकते है।
