धान खरीदी के नियम बदल गए, ऑनलाइन टोकन व्यवस्था बंद हुई, जानिए अब MSP पर धान कैसे बेचे?

On: Friday, January 23, 2026 12:11 PM
MSP पर धान बेचने के नियम बदले

MSP पर धान बेचने के नियमों में बदलाव किया गया है। जिससे अब किसानों को धान की बिक्री करने के लिए टोकन पहले से अलग तरीके से मिलेगा, अब दो चरणों से गुजरना होगा।

MSP पर धान बेचने के नियम बदले

MSP पर धान की खरीदी विभिन्न राज्य सरकारे करती हैं। जिसमें कुछ नियम भी है। किसानों को पहले पंजीयन कराना होता है फिर मिले तारीख के अनुसार वह धान की बिक्री कर पाते हैं। जिसमें छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए बड़ी खबर है, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की बिक्री के नियमों में बदलाव किया गया है। जिसमें छत्तीसगढ़ के बैकुंठपुर, कोरिया जिले में न्यूनतम समर्थन मूल्य के धान की खरीदी के अंतिम तारीख 31 जनवरी 2026 ही है। इसलिए उससे पहले ही किसानों को इसके नए नियम के साथ धान की बिक्री करनी होगी। दरअसल, धान खरीदी के नियम में संशोधन हुआ है, ऑनलाइन टोकन व्यवस्था बंद कर दी गई है।

MSP पर धान की खरीदी अब कैसे होगी

जो नए नियम आए हैं उनके अनुसार अब MSP पर धान की बिक्री करने के लिए छत्तीसगढ़ के किसानों को सीधी समिति में जाकर आवेदन करना होगा। वहां पर सत्यापन होगा, फिर टोकन जारी किया जाएगा। इसलिए किसानों को जल्द से जल्द समिति में संपर्क करना चाहिए। क्योंकि अभी कोरिया जिले के 5311 किसानों की धान बची हुई है तो उन्हें जल्द से जल्द संपर्क करके आवेदन कर देना चाहिए। आवेदन के पश्चात दस्तावेज और पंजीयन का सत्यापन होगा। फिर किसान को टोकन दिया जाएगा। इस तरह से अब दो चरणों में यह प्रक्रिया होगी। इसलिए किसानों के पास ज्यादा समय नहीं है धान की बिक्री एमएससी पर करने के लिए।

धान की बिक्री में किसानों को समस्या

धान की बिक्री के नियमों में बदलाव होने से किसानों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। अब इस काम में ज्यादा समय और देरी भी होगी। दरअसल धान की खरीदी के साथ उठाने का काम भी धीरे हो रहा था। जिससे यह समस्या हुई है। इसके अलावा समिति में भंडारण की जगह भी नहीं है। जगह कम होने के कारण तौल केन्द्रो को भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कुल मिलाकर किसानों को जल्द से जल्द अपने संबंधित समिति में संपर्क करना चाहिए और सत्यापन समय कराकर टोकन प्राप्त करके MSP पर धान की बिक्री करनी चाहिए। जिससे वह धान का उचित भाव प्राप्त कर पायें।

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