इस फल की खेती बहुत लाभदायक होती है बाजार में इसकी डिमांड काफी अच्छी देखने को मिलती है इसकी खेती सर्दियों के मौसम में जरूर करना चाहिए।
फलों की रानी खेती से कराएगी तगड़ी कमाई
स्ट्रॉबेरी को फलों की रानी कहा जाता है आज हम आपको स्ट्रॉबेरी की एक बहुत अद्भुत किस्म के बारे में बता रहे है जिसका स्वाद खाने में स्ट्रॉबेरी और पाइनएप्पल दोनों का आता है इसकी डिमांड बाजार में बहुत होती है क्योकि लोग इसका सेवन करना बहुत पसंद करते है इसकी खेती सर्दियों के सीजन में करना लाभकारी माना जाता है। इसकी खेती ज्यादा मुश्किल नहीं होती है इसका नाम पाइनबेरी है ये स्ट्रॉबेरी की एक सफेद किस्म है जिसके बीज लाल होते है। इसका स्वाद मीठा और हल्का खट्टा, अनानास जैसा होता है। तो चलिए इसकी खेती के बारे में समझते है।

पाइनबेरी की खेती
पाइनबेरी की खेती व्यावसायिक रूप से की जा सकती है इसकी खेती के लिए नवंबर का महीना अच्छा होता है इसके पौधों को पहले नर्सरी में तैयार किया जाता है फिर खेत में रोपण किया जाता है। पाइनबेरी की खेती के लिए 15°C–25°C तापमान सबसे अच्छा माना जाता है। इसकी खेती के लिए अच्छी जल निकासी वाली रेतीली दोमट मिट्टी उत्तम होती है। इसकी खेती में पौधे 30×30 सेमी की दूरी पर लगाना चाहिए और पहली सिंचाई रोपाई के तुरंत बाद करना चाहिए। इसके बाद 8–10 दिन के अंतराल पर हल्की सिंचाई करना चाहिए।
कितनी होगी उपज
पाइनबेरी की खेती किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित होती है इसकी डिमांड बाजार में बहुत ज्यादा होती है एक्सोटिक फल होने के कारण बाजार में ऊँचे दाम मिलते है इसकी मांग होटल, बेकरी और निर्यात बाजार में अधिक होती है एक हेक्टेयर में पाइनबेरी की खेती करने से लगभग 10–12 टन का उत्पादन मिलता है आप इसकी खेती लाखों रुपए का मुनाफा आराम से कमा सकते है। पाइनबेरी सजावटी एवं व्यावसायिक दोनों तरह से उगाने के लिए उपयुक्त होती है। पाइनबेरी एक आकर्षक, स्वास्थ्यवर्धक और उच्च बाजार मूल्य वाली स्ट्रॉबेरी की किस्म है।

नमस्ते दोस्तों, मैं नंदिनी । पिछले 2 साल से पत्रकारिता में काम कर रही हूं और अलग-अलग विषयों पर लिखना मुझे बहुत पसंद है। खासतौर पर खेती, बागवानी और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों में मेरी गहरी रुचि है। मैं हमेशा कोशिश करती हूं कि आपको सच्ची और सही जानकारी दे सकूं, ताकि आप इन विषयों को अच्छे से समझ सकें। अगर आप भी इन जरूरी और दिलचस्प बातों को जानना चाहते हैं, तो जुड़े रहें https://khetitalks.com/ के साथ। धन्यवाद











