MBA कर नौकरी नहीं खेत चुना, करोड़ो की हो रही कमाई, नई तकनीक से किसान पिता की आमदनी में किया इजाफा

On: Saturday, July 26, 2025 11:04 AM
किसान की सफलता की कहानी

खेती से भी करोड़ों का मुनाफ़ा कमाया जा सकता है, तो आइए बताते हैं कि वो कौन सी फसल है, कितनी ज़मीन पर खेती करते हैं और किसान का परिचय –

किसान की सफलता की कहानी

आज एक ऐसे युवा किसान के बारे में बात करने जा रहे हैं जो अपने किसान पिता के साथ खेती कर रहे है। युवा किसान का नाम हर्षित काम्बोज है और वो नैनीताल, उत्तराखंड का रहने वाले है। उन्होंने बायोटेक्नोलॉजी में बी.टेक और एमबीए किया है। वो एक पढ़े-लिखे युवा है, लेकिन अब वो अपने पिता के साथ खेती कर रहे है और एक करोड़ की कमाई भी कर रहे है। जिसमें उन्होंने अपने पिता का खेती में साथ दिया और पहले से लेकर अब तक कई चीज़ें बदलीं, मार्केटिंग पर काम किया, जिससे किसान को ज़्यादा मुनाफ़ा हो रहा है।

वो कौन सी फसल उगाते हैं?

किसान धान-गेंहू नहीं फूलों की खेती करते हैं, जिसमें वो अलग-अलग किस्मों के नए-नए फूलों की खेती करते हैं, उनसे गुलदस्ते बनाए जाते हैं और शादियों, डेस्टिनेशन वेडिंग और सजावट की तमाम चीज़ों में इनका इस्तेमाल होता है। जिसमें वह जरबेरा (Gerbera), गुलदाउदी (Chrysanthemum), ग्लैडियोलस (Gladiolus), गायफ्सोफिला (Gypsophila) आदि फूलों की खेती करते है। लेकिन इन फूलों की माँग ज़्यादा है, इसलिए वो ऐसी खेती करते हैं।

फूलों की खेती के शौकीन हैं, लेकिन इससे पहले उन्होंने CSIR इंस्टीट्यूट से प्लांट टिशू कल्चर की ट्रेनिंग ली थी, जिसका उन्हें आगे चलकर फायदा हुआ और वे बेहतरीन तरीके से खेती कर रहे हैं।

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वे बताते हैं कि पहले उनके पिता फूलों को दिल्ली, जयपुर जैसी दूर-दराज जगहों पर भेजते थे, जिसमें ट्रांसपोर्टेशन आदि का खर्चा आता था, लेकिन अब वे स्थानीय स्तर पर ही ज़्यादा बेचते हैं, जिससे कई तरह के खर्चे कम होते हैं, मुनाफ़ा बढ़ता है और उन्होंने आसपास मार्केटिंग भी की, जिससे फूलों की माँग पहले से ज़्यादा है।

वे कितने एकड़ में खेती करते हैं?

किसान हर्षित कंबोज लगभग 18 एकड़ में खेती करते हैं, जिसमें वे शेडनेट में कई फूलों की खेती करते हैं, जिससे फूलों की गुणवत्ता अच्छी होती है और उन्होंने भंडारण पर भी ध्यान दिया है, जिससे वे लंबे समय तक सुरक्षित रहते हैं। इसके अलावा, वे क्यारियाँ बनाकर और ड्रिप सिंचाई प्रणाली का इस्तेमाल करके फूलों की खेती करते हैं, जिससे पानी की भी बचत होती है।

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