किसानों के लिए बड़ी राहत,अब प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने पर सरकार देगी ₹22,500 प्रति हेक्टेयर तक का मुआवज़ा

On: Friday, August 29, 2025 11:37 AM
मुआवज़ा

अगस्त 2025 में राज्य के बहुत से  जिलों में हुई अतिवृष्टि और बाढ़ से फसलों का बहुत नुकसान हुआ है। नुकसान से उबरने सारकार दे रही 22,500 रुपए प्रति हेक्टेयर तक का मुआवज़ा।

बिहार के 14 जिलों के किसानों को मिलेगा मुआवज़ा

यह योजना बिहार सरकार की ओर से चलाई जा रही है क्योंकि बिहार में बाढ़ एक गंभीर समस्या बनी हुई है। बाढ़ की वजह से हर साल किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ता है। इस नुकसान की भरपाई के लिए राज्य सरकार ने कृषि इनपुट अनुदान योजना (खरीफ) 2025 शुरू की है, जिसके तहत 22,500 रुपए प्रति हेक्टेयर तक का मुआवज़ा प्रदान किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से 14 जिलों के 64 प्रखंडों के 577 पंचायतों के प्रभावित किसानों को लाभ मिलेगा। वे किसान जिनके पास ज़मीन है और जिनके पास ज़मीन नहीं है ,दोनों ही इस योजना का फ़ायदा उठा सकते हैं ।

आवेदन के लिए क्या शर्तें रखी गई हैं

आवेदन के लिए कुछ शर्तें भी रखी गई ,चलिए देखते हैं। सबसे पहले किसान को मुआवज़ा तभी मिलेगा जब उसकी फसल का नुकसान 33% से अधिक हुआ हो। इसके अलावा, किसान का बिहार कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत होना अनिवार्य है। किसान, उनकी पत्नी/पति और अवयस्क बच्चों को मिलाकर एक “किसान परिवार” माना जाएगा, और परिवार का आधार सत्यापन करना भी ज़रूरी है। अगर कोई गलत जानकारी देता है तो उसका आवेदन रद्द कर दिया जाएगा।

जिन किसानों के पास ज़मींन है उनको वर्ष 2022-23, 2023-24 या 2024-25 का एलपीसी (LPC) या लगान रसीद देना अनिवार्य होगा। वहीं, जिनके पास ज़मीन नहीं है उन  किसानों को स्व-घोषित प्रमाण पत्र देना होगा, जिसे वार्ड सदस्य और कृषि समन्वयक द्वारा सत्यापित किया गया हो। यह प्रमाण पत्र बिहार कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर उपलब्ध है।

कौन से दस्तावेज़ लगेंगे और कैसे करें आवेदन

आवेदन हेतु प्रदेश के किसानों को आधार कार्ड, उनके खेत के कागज़ात, किसान बैंक खाता विवरण चाहिए होंगे। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। वे http://dbtagriculture.bihar.gov.in पर अपनी 13 अंकों की किसान पंजीकरण संख्या से आवेदन कर सकते हैं। नए किसानों को पहले डीबीटी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा, उसके बाद ही वे मुआवज़ा ले सकेंगे। जो किसान पहले से पंजीकृत हैं, वे सीधे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 

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