किसान बाघ समेत अन्य जंगली जानवरों को खेतों से भगाने के लिए सोलर पावर साउंड सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस देसी जुगाड़ को वन विभाग के अधिकारी भी काफी प्रभावी मान रहे हैं।
जंगली जानवरों से किसानों को खतरा
जंगली जानवरों से किसानों को जान का खतरा बना रहता है। ये जानवर न सिर्फ फसलें खराब करते हैं, बल्कि किसानों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। इन दिनों बाघ का खतरा बढ़ गया है। वहीं नीलगाय और जंगली सूअर भी फसलों को बर्बाद करते हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के किसान बाघ जैसे जंगली जानवरों को खेतों से भगाने के लिए सोलर पावर साउंड सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे जंगली जानवर खेतों के आसपास नहीं आते। आइए जानते हैं कि यह सिस्टम क्या है, कैसे काम करता है और यह देसी जुगाड़ कितना कारगर है।
सोलर पावर साउंड सिस्टम से जानवर दूर कैसे रहते हैं
जब किसान सोलर पावर साउंड सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं, तो बाघ जैसे जंगली जानवर खेतों से दूर रहते हैं। दरअसल, इस सिस्टम से तेज आवाज निकलती है और गाने बजते हैं। किसान चाहें तो जानवरों की आवाज भी इसमें चला सकते हैं। यह साउंड सिस्टम जब चालू होता है, तो जंगली जानवर खेत में घुसने से पहले ही तेज म्यूजिक की आवाज सुनकर वापस चले जाते हैं। पहले गन्ने की खेती करने वाले किसान बाघों से बहुत ज्यादा परेशान थे।
कई बार अचानक खेत में बाघ सामने आ जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होता। किसान खेतों में सोलर पावर साउंड सिस्टम लगा देते हैं, जिससे तेज आवाज में म्यूजिक बजता रहता है। किसान समूह बनाकर आराम से काम कर लेते हैं और जंगली जानवर खेत में प्रवेश नहीं करते। यह सिस्टम सौर ऊर्जा से चार्ज हो जाता है, इसलिए इसे बार-बार घर ले जाकर चार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ती। इसकी तेज आवाज जानवरों को डराकर दूर रखती है।
कृषि विभाग के अधिकारी भी कर रहे हैं प्रशंसा
इस देसी जुगाड़ की कृषि विभाग के अधिकारी भी सराहना कर रहे हैं। डिप्टी रेंजर का कहना है कि इससे किसानों को काफी फायदा हो रहा है और कई किसान इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। कृषि विभाग किसानों को जागरूक कर रहा है कि वे इस सिस्टम का इस्तेमाल करके जंगली जानवरों से खुद को बचाएं। टाइगर रिजर्व की माला रेंज में बाघों का खतरा ज्यादा रहता है, इसलिए किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है।
अधिकारियों का कहना है कि इस सिस्टम से जंगली जानवरों को कोई नुकसान नहीं होता, लेकिन तेज गाना बजने की वजह से वे उस इलाके के आसपास नहीं आते। यही कारण है कि किसान अपनी फसल और जान दोनों सुरक्षित रख पा रहे हैं।

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