गेहूं के बीज का उत्पादन करने पर राज्य के किसानों को MSP से 30% ज्यादा भाव मिलेगा। आइए जानते हैं इस पूरी योजना के बारे में।
गेहूं की कीमत MSP से 30% ज्यादा कैसे मिलेगी?
गेहूं, तिलहन और दलहन फसलों की खेती करने पर किसानों को पहले से 30% अधिक कीमत मिल सकती है। दरअसल, बिहार राज्य सरकार द्वारा एक नई योजना शुरू की गई है, जिसमें बीज उत्पादन करने वाले किसानों को MSP यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य से 30% अधिक भाव दिया जाएगा।
इससे किसानों को ज्यादा लाभ मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। इसी उद्देश्य से सरकार ने यह योजना शुरू की है। इस लाभ को पाने के लिए किसानों को बीज उत्पादन करना होगा। आइए जानें इस योजना का लाभ कैसे उठाया जा सकता है।
ब्रीडर सीड कहां मिलेगा?
बीज उत्पादन करने के लिए किसानों को ब्रीडर सीड लेना होगा। इसके लिए पहले बीज उत्पादन करने वाले किसान को अपने क्षेत्र के कृषि कार्यालय में जाकर पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) कराना होगा। पंजीयन के बाद किसानों को फाउंडेशन और ब्रीडर सीड उपलब्ध कराया जाएगा, जिसकी वे खेती करेंगे। इसके बाद उत्पादित बीजों को वे निगम के संग्रहण केंद्र में जमा करेंगे, जहां बीज का कलेक्शन और जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद किसानों को भुगतान किया जाएगा।
MSP से 30% ज्यादा राशि किसानों को कैसे मिलेगी?
MSP से 30% ज्यादा भाव पाने के लिए किसानों को बीज उत्पादक योजना से जुड़ना होगा। गेहूं, तिलहन और दलहन फसलों की खेती करने वाले किसान इस योजना से लाभ उठा सकते हैं। बिहार की राजकीय बीज विश्लेषण प्रयोगशाला में बीज का अंकुरण और अन्य मानकों की जांच की जाती है। जांच पूरी होने के बाद 10–15 दिनों के भीतर किसानों के खाते में भुगतान भेज दिया जाता है।
बिहार में बीज प्रोसेसिंग के लिए 20 से ज्यादा प्लांट और 15 मिनी प्लांट लगाए गए हैं। यदि किसान बीज उत्पादन करते हैं तो उन्हें उत्पादित बीज का भुगतान MSP से 30% अधिक दर पर मिलेगा।

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