गोबर बेचकर पैसे कमा सकते हैं। चलिए बताते हैं किसान और पशुपालकों को एक किलो गोबर की कीमत कितने रुपए मिलेगी, कहां बायोगैस प्लांट लगेंगे।
बायोगैस प्लांट में गोबर की ज़रूरत
बायोगैस प्लांट, जहां गोबर को कंप्रेस करके बायोगैस बनाया जाता है, उसके लिए उन्हें गोबर की जरूरत पड़ती है। बता दें कि NDDB किसानों से 1500 टन गोबर खरीदने का लक्ष्य बना रही है, जिसमें फिलहाल 300 से 400 टन गोबर किसानों और पशुपालकों से लिया जा रहा है। आगे चलकर डिमांड ज्यादा होगी, जिससे ज्यादा से ज्यादा पशुपालक फायदा उठा पाएंगे।
6 राज्यों में NDDB के 15 बायोगैस संयंत्र स्थापित होंगे, जिनमें 100 टन प्रति दिन की क्षमता बताई जा रही है। इन्हें स्थापित करने में लगभग 50 करोड़ रुपए का खर्चा आएगा।
किसानों से कितने रुपए किलो में खरीदेंगे गोबर
बायोगैस बनाने के लिए NDDB के बायोगैस प्लांट में किसानों से गोबर खरीदा जाएगा। कीमत की बात करें तो ₹1 प्रति किलो की दर से यह गोबर फिलहाल किसानों से लिया जाएगा। इस तरह पशुपालक और किसान इस योजना का लाभ उठाकर गोबर से भी पैसे कमा सकते हैं।

किन राज्यों में होगी बायोगैस प्लांट की स्थापना
बताया जा रहा है कि नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) देश में 15 बायोगैस प्लांट 6 राज्यों में स्थापित करेगी, जिसमें गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, बिहार, ओडिशा और राजस्थान राज्य आते हैं। इन सभी जगहों पर बायोगैस प्लांट स्थापित करने में कुल मिलाकर लगभग 750 करोड़ रुपए का खर्चा आएगा।
इससे बहुत ज्यादा फायदा होगा। बायोगैस का इस्तेमाल खाना पकाने में, घरों में, बिजली उत्पादन में और वहां के ईंधन के लिए भी किया जाता है, जिसके लिए गोबर की जरूरत पड़ेगी। गोबर एक ऐसी चीज़ है जो किसान और पशुपालक के पास बहुत मात्रा में होता है, और यहां पर उन्हें गोबर की उचित कीमत भी मिलेगी।

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