खरीफ सीजन में मक्का की खेती मुनाफे का सौदा होती है खेती के लिए मक्का की इस किस्म का चुनवा करने से न केवल ज्यादा पैदावार मिलती है बल्कि ये खेत से ही बिकना शुरू हो जाती है।
हजारों की लागत में लाखों का मुनाफा
मक्का ऐसी ही एक फसल है जो बरसात के मौसम में मार्केट में सबसे ज्यादा मात्रा में बिकती है। कम समय में ज्यादा उत्पादन लेने के लिए मक्का की उन्नत और बिमारियों के प्रति प्रतिरोधक किस्म का चयन करना सबसे जरुरी काम होता है। ये किस्म एक मध्यम अवधि की किस्म है। इसकी खेती में ज्यादा दिन नहीं लगते है इसके दाने पीले और नारंगी रंग के होते है। ये सिंचित क्षेत्रों के लिए एक उपयुक्त किस्म है। हम आपको मक्का की एक्स 1174 W किस्म की खेती के बारे में बता रहे है ये किस्म पूरे भारत में उगाई जा सकती है।

मक्का की एक्स 1174 W किस्म
मक्का की एक्स 1174 W किस्म की खेती के लिए उचित जल निकास वाली उपजाऊ जलोढ़ या दोमट मिट्टी सर्वोत्तम होती है। इसकी बुवाई के लिए इस किस्म के बीजों का ही उपयोग करना चाहिए इसके बीज बाजार में बीज भंडार की दुकान में आसानी से मिल जायेंगे। बुआई करने से पहले खेत की जुताई करना चाहिए और मिट्टी को भुरभुरा बनाकर गोबर की खाद डालना चाहिए। बुआई के लिए आमतौर पर प्रति एकड़ 6 से 7 किलो बीज की आवश्यकता होती है। बुआई के बाद मक्का की एक्स 1174 W किस्म की फसल करीब 80 से 85 दिनों में पककर तैयार हो जाती है।
जाने उत्पादन क्षमता और मुनाफा
मक्का की एक्स 1174 W किस्म की खेती से बहुत अच्छा उत्पादन और मुनाफा देखने को प्राप्त होता है एक एकड़ में मक्का की एक्स 1174 W किस्म की खेती करने से लगभग 35-40 क्विंटल का उत्पादन मिल सकता है आप इसकी खेती से लाखों रूपए का मुनाफा कमा सकते है बाजार में ये करीब 10 से 20 रूपए की कीमत पर प्रति पीस बिकता है। मक्का की एक्स 1174 W किस्म की खेती काफी ज्यादा फायदेमंद साबित होती है।