PM Aasha Yojana: किसानों के हित में हुआ फैसला, धान-गेंहू के साथ अब इन फसलों की भी 100% खरीदी करेगी सरकार, पीएम आशा योजना रहेगी जारी

On: Tuesday, February 18, 2025 10:55 AM
दलहन फसल

पीएम आशा योजना का लाभ किसानों को आगे भी मिलता रहेगा, केंद्र सरकार ने किसानों को बड़ी खुशखबरी दी है, चलिए जानते है पूरी बात-

पीएम आशा योजना

किसानों को फसलों की उचित कीमत मिले इसके लिए सरकार लगातार प्रयास करती रहती है, जिसमें आज किसानों के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है। जिससे न सिर्फ किसानों को बल्कि ग्राहकों को भी लाभ होगा। बता दे कि केंद्र सरकार ने एकीकृत प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा योजना) को 15वें वित्त आयोग चक्र, 2025-26 तक जारी रखने का फैसला कर दिया है।

किसान भाइयों को बता दे कि PM Aasha Yojana फसलों के उपज की सही कीमत दिलाने के उद्देश्य से चल रही है इससे उपभोक्ताओं को भी फायदा होता है उन्हें सस्ती कीमतों पर अनाज मिल जाता है। इस तरह अनाज उगाने और उसकी खरीदी करने वाले दोनों को फायदा है। चलिए जानते है अब किन किसानों को आगे भी इसका फायदा मिलता रहेगा।

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दलहनी फसलों के किसानों को फायदा

धान-गेंहू की खेती करने वाले किसान सरकार से उचित कीमत अपनी फसल की ले रहे है साथ ही बोनस भी मिल रहा है। जिसमें सरकार ने वर्ष 2024-25 के लिए राज्य के उत्पादन के 100% के बराबर दलहन फसल- तुअर, उड़द और मसूर की खरीद करने का निर्णय लिया है। बता दे कि बजट 2025 में यह भी घोषणा हुई कि देश दालों में आत्मनिर्भरता हासिल करेगा। जिसके लिए राज्य के उत्पादन का 100% तक तुअर, उड़द और मसूर की खरीद केंद्रीय नोडल एजेंसियों के द्वारा आगे के चार सालों तक होगी। इस तरह दलहनी फसलों की खेती की तरफ किसानों का झुकाव बढ़ेगा। आयात पर निर्भरता भी कम होगी। जिससे किसान और ग्राहक दोनों खुश होंगे।

इन राज्यों किसानों का हुआ चयन

दलहन फसलों की बात हो रही है तो आपको बता दे कि दाल की खेती सबसे अधिक करने वाले राज्य में मध्य प्रदेश का नाम आता है उसके बाद महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, और आंध्र प्रदेश में भी दाल की खेती अधिक होती है। जिसमें केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी खरीफ 2024-25 सीजन के लिए मूल्य समर्थन योजना में मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में अरहर की कुल मात्रा का करीब 13.22 एलएमटी की खरीद करने का निर्णय लिया।

जिसमें से अभी तक तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र और में खरीद हो रही है। वहीं बाकी के राज्यों के किसानों से अरहर की खरीद जल्द ही की जायेगी। जिसमें कहा ये जा रहा है कि भारत सरकार केंद्रीय नोडल एजेंसियों (NAFED) और NCCF, किसानों से 100% तुअर खरीदेगी। जिससे हर एक किसान को लाभ होगा।

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