किसान अगर औषधीय फसल की खेती करके ज़्यादा मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो यह फसल मुनाफे का सौदा साबित होगी।
ईरानी अकरकरा की खेती का सीजन
ईरानी अकरकरा की खेती रबी और खरीफ दोनों सीजन में की जा सकती है। इस समय इसका भाव ₹70,000 प्रति क्विंटल चल रहा है, जिससे इसकी खेती किसानों के लिए बेहद मुनाफेदार साबित हो रही है। इसकी खेती नर्सरी तैयार करके की जाती है। नर्सरी तैयार करने के 15 दिन बाद ही पौधों को खेत में रोप दिया जाता है।
बुवाई के समय गोबर की खाद यानी जैविक खाद का उपयोग किया जाता है, जिससे लागत भी कम आती है। आईए जानते हैं इसकी खेती में लगने वाला समय और मिलने वाला उत्पादन।

ईरानी अकरकरा की खेती में कितना समय लगता है?
ईरानी अकरकरा की खेती यदि एक बीघा में की जाए, तो किसानों को 5 से 6 क्विंटल तक उत्पादन मिल सकता है। इसकी खेती में लगभग 6 महीने का समय लगता है। पौधों की रोपाई एक फ़ीट की दूरी पर की जाती है। एक बीघा में लगभग 1.5 किलो बीज की आवश्यकता पड़ती है। खेती के दौरान खेत में 4 बार निराई-गुड़ाई की जा सकती है।
ईरानी अकरकरा के सूखे फूल और जड़ों की बिक्री
ईरानी अकरकरा के सूखे फूलों की बिक्री अच्छी कीमत पर होती है। इसकी जड़ें भी औषधीय गुणों से भरपूर होती हैं। इसमें प्राकृतिक तेल, आयरन, कैल्शियम और विटामिन-C पाया जाता है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र जैसे राज्यों के किसान इसकी खेती करते हैं और अच्छा मुनाफ़ा कमाते हैं। यह एक महत्वपूर्ण औषधीय फसल है, जिसे मुख्य रूप से जड़ प्राप्त करने के लिए उगाया जाता है।

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