किसान ने जुगाड़ से बना दिया ट्रैक्टर, बैटरी से चलेगा, सस्ते में मिलेगा, जानिए कितना खर्च आया

On: Tuesday, December 16, 2025 3:23 PM
किसान ने जुगाड़ से बना दिया ट्रैक्टर

खेती-किसानी से जुड़े कई तरह के जुगाड़ आपने देखे होंगे, लेकिन आज का यह जुगाड़ बहुत ही बेमिसाल है और किसान को फेमस कर रहा है।

किसान ने जुगाड़ से बना दिया ट्रैक्टर

खेती में ट्रैक्टर का बहुत बड़ा योगदान होता है, लेकिन सभी छोटे किसान ट्रैक्टर खरीद नहीं पाते हैं। वहीं, कुछ किसान जुगाड़ की मदद से अलग-अलग तरीकों से खेत की तैयारी करते हैं, क्योंकि वे ट्रैक्टर जैसे महंगे कृषि यंत्र खरीद नहीं सकते और न ही बार-बार किराए पर ले सकते हैं। अब छोटे किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। छोटे किसानों के लिए किसान श्यामलाल महतो ने एक सस्ता जुगाड़ू ट्रैक्टर तैयार किया है। यह जुगाड़ू ट्रैक्टर मात्र 2 घंटे में 10 डिसमिल खेत की तैयारी कर सकता है। यह ट्रैक्टर हाथों से चलाया जाता है और किसान को खेत में ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती।

चलते-चलते खेत की गहराई तक जुताई हो जाती है, जिससे महंगे ट्रैक्टर की जरूरत नहीं पड़ती। निराई-गुड़ाई का काम भी इससे आसानी से किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि इसे बनाने में किसान को कितना खर्च आया।

देसी जुगाड़ वाला ट्रैक्टर बनाने में कितना खर्च आया

दरअसल किसान भाई एक मिस्त्री हैं और उन्हें इस तरह के यंत्र बनाने की काफी रुचि है। उन्होंने करीब 3 साल की मेहनत के बाद मोटर और बैटरी से चलने वाला यह ट्रैक्टर तैयार किया है। इस ट्रैक्टर को बनाने में लगभग ₹8,000 का खर्च आया है। इसमें स्विच, एंगल, पाइप और कई जरूरी पार्ट्स लगाए गए हैं। यह ट्रैक्टर चार्ज भी होता है। इसमें छोटे-छोटे दो पहिए लगे हैं और आगे एक धारदार औजार लगाया गया है, जिससे मिट्टी ऊपर-नीचे होती है और खेत की अच्छी जुताई हो जाती है।

किसानों को यह कृषि यंत्र कैसे मिलेगा

अगर किसान यह कृषि यंत्र लेना चाहते हैं, तो उन्हें बता दें कि जल्द ही यह उपलब्ध हो सकता है। श्यामलाल महतो इस ट्रैक्टर को पेटेंट कराना चाहते हैं, ताकि छोटे किसान भी इसकी खरीद कर सकें। वे बताते हैं कि कई लोगों को यह जुगाड़ काफी पसंद आ रहा है और वे पिछले एक साल से इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। आगे चलकर वे इस ट्रैक्टर में और भी नई सुविधाएँ जोड़ने की योजना बना रहे हैं, जिससे यह और बेहतर बन सके।

अगर इस ट्रैक्टर को पेटेंट मिल जाता है, तो देश के अन्य छोटे किसान भी इसका लाभ उठा सकेंगे। किसान श्यामलाल महतो बोकारो जिले के रहने वाले हैं, जो झारखंड राज्य में स्थित है।

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