बारिश के दिनों में करेले की बेल को कीड़े खाने लगते है इन कीड़ों से बेल को बचाने के लिए पौधे में इस चीज का प्रयोग करना चाहिए जिससे बेल कीटों से एकदम सुरक्षित रहती है।
अनगिनत करेलों से झूल जाएगी करेले की बेल
किचन गार्डनिंग के शौकीन लोग अपने बगीचे या छत पर बेल वर्गीय सब्जी लगाने का ज्यादा शौक रखते है। मानसून के मौसम में करेले की बेल में कीड़े का खतरा बहुत देखने को मिलता है करेले की बेल में सबसे ज्यादा कैटरपिलर, भृंग, फल मक्खी और इल्लियाँ का प्रकोप होता है ये कीड़े पत्तियों को कुतरते है और पत्तियों के भीतर छुपे होते है। जिससे बेल को नुकसान पहुँचता है इनको खत्म करने के लिए ये चीज बहुत असरदार और गुणकारी होती है इसमें मौजूद तत्व कीड़ों को पौधे के आस पास भी नहीं आने देते है। इसके अलावा पत्तियों में चिपकी इल्लियाँ अगर दिखती है तो उस पत्ती को ही तोड़कर पौधे से बहुत दूर फेंक देना चाहिए।

करेले के पौधे में डालें ये 2 चीज का मिश्रण
करेले के पौधे में डालने के लिए हम सूखे पत्तों और लकड़ियों की राख और हल्दी पाउडर के बारे में बता रहे है ये एक ऑर्गेनिक
पेस्टिसाइड का काम करते है। राख में मौजूद तत्व पौधों को कीटों से बचाव करते है राख में पोटेशियम, फास्फोरस, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे तत्व पाए जाते है जो करेले के पौधे के विकास और फलों की गुणवत्ता और साइज में वृद्धि लाते है साथ ही फलो और पत्तों को इल्ली वाले कीड़े और कई अन्य कीड़ों से मुक्त रखते है। हल्दी पाउडर पौधे को फंगल रोगों से बचाने में लाभदायक विकल्प होता है हल्दी में एंटीफंगल गुण होते है जो पौधे को फंगल संक्रमण से सुरक्षित रखते है जिससे बेल मजबूत बनती है और अधिक स्वस्थ फल लगते है।
सामग्री
- 5 चम्मच सूखे पत्तों या लकड़ियों की राख
- एक चम्मच पीसी हल्दी
इस तरह करें इस्तेमाल
करेले के पौधे में सूखे पत्तों या लकड़ियों की राख और हल्दी पाउडर का उपयोग करने के लिए एक कटोरी में 5 चम्मच सूखे पत्तों या लकड़ियों की राख और एक चम्मच हल्दी को डालकर मिलाना है फिर करेले के पौधे की मिट्टी में 3 चम्मच इस मिश्रण को डालना है और इसके बाद पौधों की पत्तियों में पहले पानी डालकर फिर बचे हुए इस मिश्रण को पत्तियों में छिड़कना है जिससे ये पत्तियों आसानी से चिपक सके। ऐसा करने से पौधे में कीड़े नहीं लगेंगे जेड मजबूत होगी और पौधे को आवश्यक पोषक तत्व मिलेंगे जिससे बेल में बहुत सारे करेले लगेंगे।