गन्ना किसानों के लिए यह एक जरूरी सूचना है। अगर बाढ़ के पानी में फसल डूब गई है, तो चलिए जानते हैं कि कृषि एक्सपर्ट ने क्या सलाह दी है।
पानी में डूबे गन्ने के खेत
अगर गन्ने के खेत बाढ़ के कारण पानी में डूब गए हैं, तो ऐसे में कुछ उपाय किए जा सकते हैं, जिससे फसल को बचाया जा सकता है। दरअसल, कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां भारी बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है। इससे गन्ना किसानों को नुकसान हो सकता है क्योंकि जब लंबे समय तक खेत में पानी भरा रहता है, तो गन्ने की फसल की जड़ों पर असर पड़ता है। जड़ों का विकास रुक जाता है, फंगस की समस्या बढ़ जाती है और पौधों में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है।
तो चलिए आपको बताते हैं वे उपाय कौन से हैं, जिन्हें अपनाकर फसल को खराब होने से बचाया जा सकता है। अभी भी किसानों के पास समय है।

गन्ना के किसान बाढ़ से ऐसे बचाएं फसल
अगर गन्ने के खेतों में लंबे समय से पानी भरा है और अब बरसात रुक गई है, जिससे पानी का स्तर कम हो रहा है, तो किसानों को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
पानी निकासी का उपाय करें: किसानों को खेतों का पानी निकालने के लिए पंप का इस्तेमाल करना चाहिए और नालियां बनानी चाहिए, ताकि पानी तेजी से खेतों से बाहर निकल सके।
फसल को पोषण दें: बची हुई फसल को बचाने के लिए उसे पोषण देना जरूरी है। इसके लिए खेतों में खाद डालनी चाहिए। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, सल्फर, पोटाश और नाइट्रोजन का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे फसल को ताकत मिलेगी और पौधों की ग्रोथ दोबारा शुरू हो सकेगी।
फफूंद (फंगस) से बचाव करें: फफूंद की समस्या से बचने के लिए ट्राइकोडरमा (Trichoderma) का उपयोग करें। यह एक जैविक उपाय है, जिससे फंगस खत्म होती है। दरअसल, गन्ने के खेत में लंबे समय तक पानी भरे रहने से “लाल सड़न” (Red Rot) जैसी फफूंद की समस्या हो जाती है। ट्राइकोडरमा डालने से इसका प्रभाव कम किया जा सकता है।
इस तरह किसानों को तीन उपाय बताए गए हैं। सबसे पहले, खेत से पानी जल्द से जल्द निकालें। जैसे ही पानी बाहर जाएगा और जड़ों को हवा लगेगी, तो फसल फिर से सामान्य स्थिति में आ सकती है।

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