सरसों में इस समय दिसंबर और जनवरी के दौरान माहू कीट का खतरा बढ़ जाता है, जो 25% से 90% तक पैदावार घटने का कारण माना जाता है।
सरसों की फसल में माहू कीट का नुकसान
सरसों की फसल में माहू कीट से बहुत ज्यादा नुकसान होता है। बताया जाता है कि यदि प्रकोप सामान्य हो तो 25% तक और गंभीर स्थिति होने पर 90% तक उत्पादन घट सकता है। जब माहू कीट की संख्या ज्यादा हो जाती है, तो पौधों का विकास रुकने लगता है। फलियाँ कमजोर हो जाती हैं, जिससे तेल की मात्रा भी कम हो जाती है।
यह कीट पौधों की शाखाओं और फलियों पर बैठकर रस चूसते हैं, जिससे पौधे कमजोर हो जाते हैं और मुरझाने लगते हैं। माहू कीट से एक चिपचिपा पदार्थ निकलता है, जिस पर फफूंद उग जाती है। इससे प्रकाश संश्लेषण में रुकावट आती है। सरसों की खेती में लाभ तो है, लेकिन यदि माहू कीट से फसल बच जाए तभी अच्छा मुनाफा हो सकता है। ये छोटे हरे रंग के कीट होते हैं। इनसे बचने के लिए यहाँ एक आसान जुगाड़ बता रहे हैं, जिससे दवा का छिड़काव भी नहीं करना पड़ेगा।
सरसों की फसल को माहू कीट से कैसे बचाएँ
सरसों की फसल को माहू कीट से बचाने के लिए स्टिकी ट्रैप का इस्तेमाल किया जा सकता है। पीले रंग के स्टिकी ट्रैप माहू से फसल बचाने में काफी कारगर होते हैं। पीले स्टिकी ट्रैप सफेद मक्खी से भी फसल को बचाते हैं। यदि थ्रिप्स का प्रकोप हो, तो नीले रंग के स्टिकी ट्रैप खेतों में लगाने चाहिए। ये स्टिकी ट्रैप इको-फ्रेंडली होते हैं, जिससे पर्यावरण को नुकसान नहीं होता। आइए जानते हैं कि एक एकड़ खेत में कितने स्टिकी ट्रैप लगते हैं, उन्हें किस तरीके से लगाया जाता है, और स्टिकी ट्रैप घर पर कैसे बनाए जा सकते हैं।
स्टिकी ट्रैप बनाने का जुगाड़
स्टिकी ट्रैप आप खुद भी सिर्फ ₹15–20 खर्च करके बना सकते हैं। इसके लिए पीले रंग की पॉलिथीन या टिन की शीट ले लें। उस पर मोबिल ऑयल या अरंडी का तेल लगा दें। यदि आप यह सब नहीं करना चाहते हैं, तो स्टिकी ट्रैप बाजार से भी खरीद सकते हैं। एक एकड़ खेत में 10 से 15 स्टिकी ट्रैप लगाए जा सकते हैं। इन्हें लकड़ी की मदद से खेत में बीच-बीच में लगाना चाहिए। स्टिकी ट्रैप को सरसों की फसल से 1 से 2 फीट ऊपर लगाया जाता है, इसलिए लकड़ी की लंबाई भी उसी अनुसार रखें। ट्रैप पर लगा चिपचिपा पदार्थ माहू कीट को चिपका लेता है, और कीट फिर बाहर नहीं निकल पाते।
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