जगह की समस्या है तो चलिए बताते हैं छोटे घर में वर्टिकल गार्डन किस तरीके से बनाया जा सकता है।
वर्टिकल गार्डन
बागवानी करना बहुत जरूरी होता है। इससे मन को शांति भी मिलती है, हरियाली से ठंडक का एहसास होता है, आर्थिक लाभ होता है तथा घर की सुंदरता बढ़ती है। इसलिए अगर बागवानी का शौक है लेकिन घर में जगह की समस्या आ रही है, घर छोटा है, तो इस लेख में हम यही बात करेंगे कि घर में वर्टिकल गार्डन कैसे बनाएं।
वर्टिकल गार्डन से मतलब होता है छोटी सी जगह का सही तरीके से इस्तेमाल करके वहां पर बागवानी करना। वर्टिकल गार्डन में दीवारों या खड़ी जगह में पौधे लगाए जाते हैं। कम जगह में ज्यादा पौधे लगाए जा सकते हैं। इस तकनीक से शहरों में वर्टिकल गार्डन का बहुत ज्यादा चलन इस समय देखा जा रहा है। इससे लोग घर को सजाते हैं।
कम जगह में बागवानी करने का यह अच्छा विकल्प है। इसमें पारंपरिक गमलों की जगह पर जालीदार ढांचे, पॉट, प्लांटर का इस्तेमाल किया जाता है। वर्टिकल गार्डन में फूल, फल, सब्जी, सजावटी पौधे और जड़ी-बूटी सब कुछ लगाया जा सकता है।

छोटे घर में वर्टिकल गार्डन कैसे बनाएं
वर्टिकल गार्डन बनाने के लिए सबसे पहले आपको सही जगह का चुनाव करना पड़ेगा, जहां पर सूर्य का प्रकाश आता हो। अगर सूर्य का प्रकाश बहुत कम आता है तो आपको उसी हिसाब से पौधों का चुनाव करना चाहिए जिन्हें ज्यादा धूप की जरूरत न हो। वहीं अगर बहुत ज्यादा धूप आती है तो धूप वाले पौधे लगा सकते हैं।
वर्टिकल गार्डन छत पर, बालकनी में, दीवार पर या खिड़की के आसपास तैयार कर सकते हैं। वर्टिकल गार्डन बनाने के लिए दीवार पर लगे गमले, प्लांटर बॉक्स, जालीदार ढांचे, ट्रे और हैंगिंग पॉट का इस्तेमाल करना चाहिए। इसमें ग्रीन वॉल और लिविंग वॉल का भी उपयोग होता है, जिसमें इतने पौधे लगा दिए जाते हैं कि दीवार ढक जाती है। इससे हवा शुद्ध रहती है और छोटी जगह का भी सही उपयोग हो जाता है। अगर आप जरूरत के पौधे जैसे तुलसी, पुदीना, धनिया इत्यादि लगाते हैं तो रसोई में भी वे काम आते हैं।

छत पर वर्टिकल गार्डन कैसे बनाएं– घर में जगह नहीं है तो छत पर वर्टिकल गार्डन बना सकते हैं। इसमें प्लास्टिक की बाल्टी, प्लास्टिक कंटेनर और वर्टिकल प्लांटर का इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर ज्यादा पैसे खर्च नहीं करना चाहते तो बोरियों में भी पौधे लगा सकते हैं। इसमें फल-सब्जी के पौधे लगा सकते हैं। वर्टिकल प्लांटर में एक साथ कई पौधे लगाए जा सकते हैं। इनमें स्वचालित सिंचाई की भी सुविधा मिल जाती है।

बालकनी में वर्टिकल गार्डनिंग कैसे करें– अगर छत नहीं है, लेकिन बालकनी है, तो वहां वर्टिकल गार्डनिंग कर सकते हैं। इसके लिए धूप वाली जगह पर धूप वाले पौधे और छाया वाली जगह पर छांव में पनपने वाले पौधे लगाने चाहिए। इसके लिए ट्रे, हैंगिंग प्लांटर्स और पॉट का इस्तेमाल कर सकते हैं। पौधे लगाने के लिए जल निकासी वाली हल्की मिट्टी का प्रयोग करना चाहिए।
दीवार पर वर्टिकल गार्डनिंग कैसे करें
बालकनी और छत कुछ भी नहीं है तो दीवार पर वर्टिकल गार्डनिंग कर सकते हैं। इसके लिए एक दीवार चुनें, जहां पर आधी धूप आती हो। वहां पर हैंगर फिट कर दें और उसमें मिट्टी भरकर पौधे लगाएं। समय पर सिंचाई करें और खाद दें। इसमें सजावटी पौधे, फूल, जड़ी-बूटी, सब्जी और छोटे पौधे लगाए जा सकते हैं।

वर्टिकल प्लांटर के प्रकार
वर्टिकल प्लांटर कई प्रकार के होते हैं-
- ग्रीन वॉल (जीवित दीवार)- इसमें दीवार पर छोटे-छोटे गमले टांग दिए जाते हैं और उनमें पौधे लगा दिए जाते हैं।
- हैंगिंग प्लांटर- इसमें पॉकेट जैसे ढांचे बनाए जाते हैं जिन्हें दीवार पर लटकाया जाता है और इनमें हल्के पौधे लगाए जाते हैं।
- टावर गार्डन- यह कम जगह में ज्यादा पौधे लगाने का अच्छा विकल्प है। इसमें एक बड़े से गमले जैसी संरचना होती है जिसमें कई छोटे गमले बने होते हैं। इसमें अलग-अलग पौधे लगाए जा सकते हैं।

वर्टिकल गार्डन बनाने के लिए देसी जुगाड़
घर में रखी पुरानी चीजों का इस्तेमाल करके भी वर्टिकल गार्डन बनाया जा सकता है जैसे –
- पुरानी सीढ़ी या बुकशेल्फ का इस्तेमाल करके एक के ऊपर एक पौधे रखे जा सकते हैं।
- पुरानी प्लास्टिक बोतल को काटकर हैंगिंग प्लांटर बनाया जा सकता है।
- प्लास्टिक कंटेनर का भी गमलों की तरह उपयोग किया जा सकता है।
- पीवीसी पाइप को गर्म करके उसमें छेद कर पौधे लगाए जा सकते हैं। इसे एक कोने में खड़ा कर दिया जाता है और उसमें अलग-अलग पौधे अच्छे से बढ़ सकते हैं।
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