गेहूं के कल्लों की संख्या ज्यादा होगी तो उत्पादन भी अधिक मिलेगा। आइए जानते हैं कि कौन-सी खाद कब डालनी चाहिए।
गेहूं के कल्लों की संख्या कैसे बढ़ाएं?
गेहूं में कल्लों की संख्या बढ़ने से पैदावार में किसानों को अधिक लाभ मिलता है। इसके लिए कई बातों का ध्यान रखना पड़ता है, जैसे समय पर सिंचाई करना, सही मात्रा में खाद डालना, फसल को खरपतवार से बचाना, नाइट्रोजन, जिंक और ह्यूमिक एसिड जैसे पोषक तत्वों का इस्तेमाल करना। खेत को खरपतवार से मुक्त रखने से फसल का विकास अच्छे से होता है। आइये जानें सिंचाई के पहले और बाद में खेत में कौन-सी खाद डालनी चाहिए, इसके बारे में कृषि विशेषज्ञ बताते हैं।
गेहूं की सिंचाई के पहले और बाद में कौन-सी खाद डालें?
यदि आप गेहूं की सिंचाई करने जा रहे हैं, तो उससे पहले खेत में यूरिया, 21% जिंक सल्फेट, और सल्फर 90% का इस्तेमाल करें। 2 बीघा जमीन के लिए आप ले सकते हैं, 1 बैग यूरिया, 21% जिंक सल्फेट 10 किलो, सल्फर 90% के 3 किलो। फिर इसके बाद सिंचाई करने के दूसरे दिन 1 बैग यूरिया का छिड़काव कर सकते हैं। इससे बहुत अच्छा परिणाम मिलता है।

इन सब चीजों के अलावा दीमक की समस्या से भी छुटकारा पाना चाहिए। खेत में क्रॉप रोटेशन करें और बीच-बीच में दूसरी फसलें भी लगानी चाहिए। यदि ऐसा नहीं करते हैं तो फसल पीली पड़ सकती है। इसके लिए कांफिडोर का इस्तेमाल करना चाहिए, जिससे फायदा मिलता है।
कॉन्फिडोर एक कीटनाशक है जिसका इस्तेमाल फसल को कीटों से बचाने के लिए किया जाता है, जैसे कि दीमक, एफिड्स, थ्रिप्स, जैसिड्स, सफेद मक्खी आदि।

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