लाल अमरुद के दीवाने है तो जानिए घर पर कैसे उगाएं लाल अमरूद का पेड़, और अमरूद के पेड़ के लिए खाद

On: Wednesday, August 27, 2025 2:15 PM
अमरूद का पेड़ लगाने का समय

अमरूद का पेड़ लगाना चाहते हैं तो चलिए बताते हैं घर पर कैसे उगाएं लाल अमरूद का पेड़। अमरूद की बढ़िया किस्म, अमरूद के लिए खाद आदि।

लाल अमरूद

वह अमरूद जिसके अंदर के गूदे का रंग सफेद होता है, इसके बारे में अधिकतर लोगों को जानकारी होगी। लेकिन यहां पर हम लाल अमरूद की वैरायटी के बारे में बता रहे हैं। यानी कि जिसके अंदर के गूदे का रंग लाल होता है। लाल अमरूद की कुछ प्रमुख किस्में हैं जैसे कि ललित, रेड डायमंड, लाल मलेशिया इत्यादि। इसके अलावा गुजरात की आनंद लाल मांस अमरूद भी एक प्रमुख किस्म है।

कई लोगों के मन में सवाल होगा कि अमरूद के गूदे का रंग लाल कैसे होता है। तो बता दें कि लाइकोपीन नाम का एक प्राकृतिक पिगमेंट होता है, जिससे उसका रंग लाल हो जाता है। चलिए जानते हैं लाल अमरूद कैसे लगाएं।

घर पर कैसे उगाएं लाल अमरूद का पेड़

घर पर लाल अमरूद उगाना चाहते हैं तो बहुत ही आसानी से उगा सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले उस जगह का चयन करें, जहां पर बढ़िया धूप आती हो। कम से कम 6 से 8 घंटे की धूप जरूरी है।

इसके बाद एक गड्ढा बनाना है, जो 2×2 फीट का होना चाहिए। उसमें मिट्टी, गोबर की खाद या फिर कोकोपीट भर देना है। फिर उसे धूप लगने देना है। उसके बाद उसमें पौधा लगाना है। आपको नर्सरी से लाल अमरूद का पौधा लेना है और उसे लगाना है। पौधा लगाने के बाद मिट्टी को हल्के हाथों से दबाना है और पानी देना है।

अगर आप लगातार खरपतवार नहीं निकाल सकते, तो सूखी पत्तियों को ऊपर से अगल-बगल मिट्टी पर ढक दीजिए। इससे मल्चिंग का काम हो जाएगा, जिससे मिट्टी में नमी बनी रहेगी और खरपतवार नहीं उगेंगे।

गमले में अमरूद कैसे उगाएं

अमरूद का पेड़ अगर गमले में लगाना चाहते हैं तो इसके लिए 18 से 24 इंच का गमला होना चाहिए। बड़े आकार के गमले में लगाना जरूरी है क्योंकि यह फलदार पौधा होता है। कई वैरायटी अमरूद की आती हैं जिन्हें आप गमले में लगा सकते हैं, जैसे कि इलाहाबाद सफेद, वीएनआर वैरायटी, रेड डायमंड, क्यूबा, हिसार सफेद।

गमला लेने के बाद आपको मिट्टी तैयार करनी है। मिट्टी जल निकासी वाली होनी चाहिए। इसमें गोबर की खाद और रेत इत्यादि चीजें मिलानी चाहिए। पौधा लगाने के बाद उसे बढ़िया धूप वाली जगह पर रखना है और बीच-बीच में खाद देते रहना है।

अमरूद के पेड़ के लिए खाद

अमरूद के पेड़ को बीच-बीच में खाद देना चाहिए, जिससे फल अधिक आते हैं।

  • पौधा लगाते समय खाद देना जरूरी है।
  • फूल आते समय भी खाद देनी चाहिए।
  • कटाई-छंटाई करते समय भी खाद डालना चाहिए।

इसके लिए आप गोबर की खाद या फिर वर्मी कम्पोस्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश जैसे तत्व होते हैं जो पौधे के लिए लाभकारी होते हैं।

गोबर की खाद डालते समय पहले मिट्टी की हल्की गुड़ाई कर लें, खरपतवार निकाल दें। फिर उसमें खाद डालकर ऊपर से मिट्टी डाल दें और पानी दें।

खाद की मात्रा की बात करें तो, अगर गमले में लगाया है तो एक पेड़ में आप 2 किलो गोबर की खाद दे सकते हैं। जमीन पर लगाए गए पौधे की आयु के अनुसार 10 से 50 किलो खाद दी जाती है। यानी जितनी उसकी उम्र होगी, उसके हिसाब से खाद डालनी चाहिए। ध्यान रहे कि खाद पौधे से थोड़ी दूरी पर डालें।

अमरूद की किस्में

अमरूद कई वैरायटी में उपलब्ध है। इनमें से कुछ प्रमुख वैरायटी हैं:

  • इलाहाबाद सफेदा
  • हिसार सफेद
  • ताइवान पिंक
  • सरदार, लखनऊ 49
  • ललित स्वेता

इसके अलावा हाइब्रिड वैरायटी लगाना चाहते हैं तो आर का अमूल्य, आर का भास्कर, आर का मृदुल, सीआईएसएच G1, सीआईएसएच G2 भी अच्छी वैरायटी मानी जाती हैं।

अमरूद का पेड़ लगाने का समय

अमरूद का पेड़ सही समय पर लगाना चाहिए।

  • फरवरी से मार्च के बीच (बसंत ऋतु)
  • अगस्त से सितंबर के बीच (बरसात का मौसम)

यानी इन दोनों समय पर पौधे अच्छी तरह से बढ़ते हैं।

अमरूद के पेड़ कितनी दूरी पर लगाने चाहिए

अगर अमरूद की खेती बड़े पैमाने पर करना चाहते हैं तो पौधों की दूरी का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। इससे पौधों का विकास अच्छे से होता है और उत्पादन भी अधिक मिलता है। अमरूद के पेड़ों को 6×6 मीटर की दूरी पर लगाना चाहिए। एक एकड़ में करीब 112 पौधे लगाए जा सकते हैं।

अमरूद के पेड़ की कटाई-छंटाई

अमरूद के पेड़ की कटाई-छंटाई (प्रूनिंग) करना जरूरी होता है। इससे नई शाखाएं आती हैं। अमरूद के पेड़ की प्रूनिंग साल में दो बार कर सकते हैं।

  • पहली बार सर्दियों में (नवंबर से दिसंबर)
  • दूसरी बार गर्मियों में (मार्च से अप्रैल)

प्रूनिंग करने के लिए धारदार और साफ औजार का उपयोग करना चाहिए, जिस पर जंग न लगा हो।

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अमरूद की खेती में खर्च और कमाई

अमरूद सेहत के लिए फायदेमंद होता है। इसलिए इसकी खेती करना एक अच्छा विकल्प है। कई किसान अमरूद की खेती करके लाखों की कमाई कर रहे हैं। लागत इस बात पर निर्भर करती है कि आप कौन-सी वैरायटी लगा रहे हैं, पौधे की कीमत क्या है, खेत की तैयारी, सिंचाई और खाद पर कितना खर्च आ रहा है।

  • खर्च: 2 से 3 साल में 50,000 से 80,000 रुपये प्रति एकड़ तक का खर्च आ सकता है। इसके बाद देखभाल में हर साल 25,000 से 35,000 रुपये का खर्च आता है। जिसमें कई चीजे शामिल है।
  • कमाई: एक एकड़ से 1 से 2 लाख रुपये तक कमा सकते हैं। कुछ किसान 8 लाख रुपये प्रति एकड़ तक भी कमा रहे हैं, क्योंकि उन्हें बाजार में अच्छा भाव मिलता है।

अगर आसपास मंडी में अच्छी कीमत मिल जाती है तो लाभ बहुत अधिक हो सकता है। हालांकि, लंबी दूरी पर फसल भेजने पर परिवहन खर्च बढ़ जाता है।

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