किसानों को घर में जैविक खाद बनाने के लिए 10 हजार रु दे रही सरकार, जानें वर्मी कंपोस्ट यूनिट के लिए किस योजना से मिल रही है 50% सब्सिडी

On: Monday, December 8, 2025 11:10 AM
वर्मी कंपोस्ट यूनिट के लिए कितनी सब्सिडी मिल रही है?

खाद का खर्चा बचाएँ, घर पर जैविक खाद वर्मी कंपोस्ट यूनिट लगाएँ और सरकार से पाएं सब्सिडी।

वर्मी कंपोस्ट यूनिट लगाने के फायदे

रासायनिक खाद के उपयोग के बजाय जैविक खाद का उपयोग किसानों के लिए ज्यादा फायदेमंद है। इसी कारण सरकार किसानों को जैविक खेती की ओर आकर्षित कर रही है। वर्मी कंपोस्ट यूनिट लगाकर किसान जैविक खाद खुद तैयार कर सकते हैं, उसका उपयोग कर सकते हैं और उसे बेचकर अपनी आय में वृद्धि भी कर सकते हैं।

वर्मी कंपोस्ट खाद की मांग समय के साथ तेजी से बढ़ रही है। बागवानी करने वाले और खेती करने वाले लोग इसका उपयोग कर रहे हैं। जैविक खेती करने वाले किसानों को उनकी उपज का अधिक दाम भी मिल रहा है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि समय के साथ जैविक खाद से भी किसानों को अच्छा उत्पादन मिलने लगा है। रासायनिक खाद के अत्यधिक उपयोग से खेत की मिट्टी खराब हो रही है, जबकि जैविक खेती किसानों के लिए लागत भी कम करती है।

वर्मी कंपोस्ट यूनिट के लिए कितनी सब्सिडी मिल रही है?

वर्मी कंपोस्ट यूनिट लगाने के लिए राज्य सरकार 50% सब्सिडी दे रही है। योजना की बात करें तो राज्य सरकार ने गोवर्धन जैविक उर्वरक योजना शुरू की है। इसके तहत किसान और पशुपालक यदि वर्मी कंपोस्ट यूनिट लगाते हैं, तो निर्माण पर सरकार 50% तक सब्सिडी देगी, यानी उन्हें सिर्फ आधा खर्च ही वहन करना पड़ेगा। इस योजना में किसान ₹10,000 तक की सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं। यह वित्तीय सहायता किसानों को जैविक खाद का उत्पादन करने में मदद करेगी।

वर्मी कंपोस्ट यूनिट लगाने के लिए सब्सिडी कैसे मिलेगी?

वर्मी कंपोस्ट यूनिट पर सब्सिडी प्राप्त करने के लिए किसान किसान साथी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह राजस्थान सरकार की आधिकारिक वेबसाइट है, जहाँ किसान गोवर्धन योजना के तहत आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए किसानों के पास जमाबंदी, पहचान पत्र, आधार कार्ड आदि आवश्यक दस्तावेज होने चाहिए। इस योजना से न केवल किसानों को लाभ मिलेगा, बल्कि गोवंश संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

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