अगर आप एमपी के निवासी हैं और पशुपालन करना चाहते हैं, तो चलिए बताते हैं कि MP के पशुपालकों के लिए सब्सिडी और लोन की योजना –
मध्य प्रदेश में पशुपालन से जुड़ी सरकारी योजना
मध्य प्रदेश में पशुपालन से जुड़ी कई योजनाएँ चलाई जा रही हैं। लेकिन यहाँ पर आपको एक बड़ी योजना की जानकारी देने जा रहे हैं, जिसमें MP के पशुपालकों को भारी-भरकम अनुदान दिया जाता है। बता दें कि यह योजना 14 अप्रैल 2025 से शुरू हुई है।
इस योजना का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है। साथ ही, पशुपालन को बढ़ावा देना और ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि करना भी इसका लक्ष्य है। युवाओं और किसानों के लिए यह कम खर्चे में पशुपालन शुरू करने का अच्छा विकल्प है।
डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना
डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत देसी गाय, भैंस और शंकर नस्ल की गाय आदि का पालन करने पर अनुदान और लोन की सुविधा दी जाती है। इस योजना में ₹25 लाख तक का लोन मिलता है। कुल लागत का 33% अनुदान दिया जाता है। 25 दुधारू पशुओं की डेयरी यूनिट लगाने पर ₹36 लाख से लेकर ₹42 लाख तक का बैंक लोन मिल सकता है। साथ ही 25% से लेकर 33% तक की सब्सिडी भी दी जाती है। लोन चुकाने की अवधि 7 साल तय की गई है। विशेष बात यह है कि पहले 3 साल तक ब्याज नहीं लगता। यह किसानों और युवाओं के लिए एक बेहतरीन सुविधा है।
पशुपालन के लिए सब्सिडी कैसे मिलेगी?
यदि पशुपालन करना चाहते हैं, तो डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना का लाभ उठा सकते हैं। इस योजना का फायदा केवल मध्य प्रदेश के युवा ही उठा सकते हैं। योजना का लाभ लेने के लिए कम से कम 3.5 एकड़ जमीन होनी चाहिए। यदि अपनी जमीन नहीं है, तो किराए पर ली गई जमीन भी मान्य होगी।
जिसमें डॉ भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना का लाभ लेने के लिए www.mpdah.gov.in पर जाकर आवेदन करना होगा। आवेदन के लिए आधार कार्ड, समग्र आईडी, बैंक विवरण, पासपोर्ट साइज फोटो, जमीन के कागज आदि होने चाहिए।