एक एकड़ से 3 लाख रु कमा सकते हैं किसान, नवंबर के अंतिम सप्ताह तक लगा दें यह फसल, पैसे गिनते-गिनते थक जाएंगे हाथ

On: Wednesday, November 5, 2025 3:00 PM
नवंबर-दिसंबर में इस खेती से मिलेगा ज़्यादा मुनाफा

कम खर्चे में ज़्यादा मुनाफा कमाना चाहते हैं तो नवंबर के अंतिम सप्ताह तक लगा दें यह फसल। सही विधि अपनाने पर यह फसल देगी बंपर उत्पादन।

नवंबर-दिसंबर में इस खेती से मिलेगा ज़्यादा मुनाफा

नवंबर के अंतिम सप्ताह से लेकर 15–20 दिसंबर के पहले तक, अगर कोई ऐसी फसल लगाना चाहते हैं जिससे अच्छा उत्पादन मिले, और जो रोग-बीमारी से भी सुरक्षित रहे, तो खरबूजा की खेती कर सकते हैं। मार्च में सबसे पहले मंडी में खरबूजा लेकर पहुँचेंगे। खरबूजा की फसल से उत्पादन 150 से 200 क्विंटल तक मिल जाता है। अगर ₹20 से ₹30 प्रति किलो का भी मंडी भाव मिल जाए, तो भी अच्छी कमाई होगी। जिसमें मान लीजिए, 150 क्विंटल उत्पादन और ₹20 का भाव मिला तो इस हिसाब से ₹3,00,000 प्रति एकड़ की कमाई हो सकती है।

लेकिन इसके लिए सर्दी में फसल को बचाने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। तो चलिए, जानते हैं बढ़िया वैरायटी और खेती का सही तरीका।

सर्दी में खरबूजा की खेती कैसे करें?

सर्दी में खरबूजा की खेती करने के लिए खेत की तैयारी पर खास ध्यान देना ज़रूरी है। खाद, पानी सब कुछ सही मात्रा में देना चाहिए। साथ ही क्रॉप कवर, प्लास्टिक मल्च का इस्तेमाल करें। क्रॉप कवर से फसल सर्दी से बची रहती है। अगर पाला पड़ता है तो समय पर हल्की सिंचाई करें, खेत में धुआं करें और बुवाई के समय सल्फर का प्रयोग करें, जिससे फसल को पाले से नुकसान न हो।

बुवाई के तरीके की बात करें तो सबसे पहले खेत की तैयारी करते समय 5 से 6 ट्रॉली पुरानी गोबर की खाद डालें। रासायनिक खाद में डीएपी, यूरिया, फंगीसायड और एमओपी का इस्तेमाल करें। इसके बाद 6 फीट की दूरी पर बेड बनाएं और एक फीट की दूरी पर बीजों की बुवाई करें। प्लास्टिक मल्च में आप 18 से 20 माइक्रोन की शीट ले सकते हैं यह बेहतर काम करेगी। बुवाई के बाद तुरंत क्रॉप कवर लगाएं और सिंचाई भी कर दें।

खरबूजा की वैरायटी

खरबूजे की कई वैरायटी बाजार में मिलती हैं। आपको वही वैरायटी चुननी चाहिए जिसकी आपके आसपास की मंडी में ज़्यादा मांग हो और जिसकी कीमत अच्छी मिले। आपके क्षेत्र में जिस वैरायटी का उत्पादन बेहतर मिलता है, उसका चयन करें। अच्छी वैरायटी में नाऊ न्यू की कुंदन, मुस्कान, बॉबी शामिल हैं। इसके अलावा सागर की कस्तूरी, पाऊजा की कजरी मस्क मेलन भी बेहतरीन वैरायटीज़ हैं।

खरबूजा की पंजाब सुनहरी, पूसा शरबती (एस-445) आई.वी.एम.एम. 3, हरा मधु भी अच्छी किस्मे है।

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