किसान अगर मशीन से बीज की बुवाई करते हैं, तो बीज कम लगेगा, बीज की बर्बादी नहीं होगी और उचित दूरी पर बुवाई होगी, जिससे उत्पादन अधिक मिलेगा। इसी कारण इस सीड ड्रिल मशीन पर सरकार सब्सिडी दे रही है।
सीड ड्रिल मशीन से बीज की बुवाई करने का क्या फायदा है?
खेती के कई काम किसान अब मशीनों की मदद से करते हैं। जिसमें अब बीज की बुवाई का काम भी मशीन से किया जा सकता है। इसी में एक मशीन का नाम है सीड ड्रिल मशीन, जिससे छोटे बीज की बुवाई बहुत अच्छे से की जा सकती है। मशीन में जितनी दूरी पर बीज गिराना हो, उसे सेट कर दिया जाता है। सेटिंग के अनुसार ही बीज गिरते हैं, जिससे अधिक मात्रा में बीज डालने की जरूरत नहीं पड़ती। जरूरत के अनुसार ही बीज डाले जाते हैं और बीज की बर्बादी नहीं होती।
हाथ से छिड़काव करने पर कई बार कहीं ज्यादा बीज गिर जाता है और कहीं कम। एक ही जगह पर ज्यादा अंकुरण होने पर किसानों को पौधों को उखाड़कर फेंकना पड़ता है, जिससे बीज की बर्बादी होती है। लेकिन मशीन से बुवाई करने पर ऐसा नहीं होता और बीज का खर्च भी कम आता है।
मशीन से बीज बोने पर कितना समय लगेगा?
बीज बुवाई के लिए अगर किसान सीड ड्रिल मशीन का इस्तेमाल करते हैं, तो बता दे कि यह ट्रैक्टर से चलती है। इससे एक एकड़ में लगभग 40 मिनट के भीतर बीज की बुवाई हो जाती है। यानी एक घंटे से भी कम समय में किसान अपनी जमीन में बुवाई कर सकते हैं। जो किसान बड़े पैमाने पर खेती करते हैं, वे एक ही दिन में बीज बुवाई का काम पूरा कर सकते हैं। इससे मजदूरों की लागत घटती है और कम समय में काम हो जाता है। कई बार किसानों के पास बुवाई के लिए समय कम होता है और खेत ज्यादा होते हैं, ऐसे में यह मशीन किसानों की बहुत मदद करती है।

सीड ड्रिल मशीन पर कितनी सब्सिडी मिल रही है?
बीज बोने वाली सीड मशीन किसान कम लागत में खरीद सकें, इसलिए सरकार सब्सिडी दे रही है। विभिन्न राज्य सरकारें किसानों को कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध कराती हैं। अगर बात करें छत्तीसगढ़ के किसानों की, तो वहां सीड ड्रिल मशीन पर ₹20,000 की सब्सिडी दी जा रही है। इस सीड ड्रिल मशीन की कीमत लगभग ₹75,000 है। सब्सिडी मिलने के बाद किसान इसे केवल ₹55,000 में खरीद सकते हैं। जीएसटी दर में कटौती के बाद किसानों को कृषि यंत्र पहले से भी कम दाम में मिल रहे हैं।
किसान भाई अपने राज्य के कृषि विभाग से कृषि यंत्रों पर मिलने वाली सब्सिडी की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। वे घर बैठे कृषि विभाग की वेबसाइट पर जाकर भी जानकारी देख सकते हैं।

नमस्ते, मैं निकिता सिंह । मैं 3 साल से पत्रकारिता कर रही हूं । मुझे खेती-किसानी के विषय में विशेषज्ञता प्राप्त है। मैं आपको खेती-किसानी से जुड़ी तरो ताजा खबरें बताउंगी। मेरा उद्देश्य यही है कि मैं आपको ‘काम की खबर’ दे सकूं । जिससे आप समय के साथ अपडेट रहे, और अपने जीवन में बेहतर कर सके। ताजा खबरों के लिए आप https://khetitalks.com के साथ जुड़े रहिए । धन्यवाद










