नौकरी छूटने को हार नहीं जीत बना दिया, अंबाला की नेहा ल्यूक ऑर्गेनिक फार्म से कमा रही 60 लाख 

On: Saturday, November 29, 2025 4:10 PM
success story

आज सफलता की कहानी में हम लेकर आए हैं अंबाला की रहने वाली नेहा ल्यूक की कहानी, जो ऑर्गेनिक फार्म से सालाना 60 लाख रुपये कमा रही हैं। 

नेहा ल्यूक का परिचय 

नेहा ल्यूक हरियाणा के अंबाला की रहने वाली हैं। वे कॉरपोरेट में लगभग 20 साल तक जॉब किया हैं। वे फाइनेंस सेक्टर में काम करती थीं, जहां उनके पति भी उनके साथ काम करते थे। नेहा की लाइफ में टर्निंग पॉइंट तब आया जब उन दोनों की जॉब कोरोना में चली गई। वो कहते हैं न की जो होता है वो अच्छे के लिए होता है। नेहा और उनके पति को प्रकृति से हमेशा से जुड़ाव महसूस होता था। इसी लगाव को उन्होंने अपने करियर के रूप में बदल दिया। उन्होंने ऑर्गेनिक फार्म की शुरुआत की। आइए जानते हैं उनकी आगे की कहानी।  

खुद के फार्म की शुरुआत की 

नेहा और उनके पति को पर्यावरण से लगाव ने उन्हें ऑर्गेनिक खेती करने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने गुरुग्राम में दो एकड़ जमीन ली और वहां 15 अगस्त, 2021 को अपनी खुद के फार्म जिसका नाम उन्होंने माला फार्म रखा की शुरुआत की। नेहा ने अपने फार्म में खपली गेहूं की खेती की शुरुआत की, जिसे वे बिल्कुल ऑर्गेनिक तरीके से उगाती हैं। माला फार्म्स को नेहा कृषि व्यवसाय के रूप में चला रही हैं, जहां वे 25 से ज्यादा गिर और हरियाणवी देसी गाय, 60 देसी बकरियां,700 से ज्यादा मुर्गियां, बत्तख और तुर्की भी पाल रखी हैं। इसके अलावा उन्होंने फार्म में 700 से ज्यादा मधुमक्खियों के छत्ते भी लगा रखे हैं।    

नेहा के फार्म में होने वाले उत्पाद में A2 मिल्क, पनीर,घी,सरसों तेल, बकरी का दूध, शहद,अंडे शामिल हैं, जो की पूरी तरह से ऑर्गेनिक होते हैं। इनके इस फार्म से उनकी माँ को बहुत लगाव था, वे अक्सर इस फॉर्म में समय बिताती थीं। नेहा ने इस फार्म को अपनी माँ को समर्पित किया है। नेहा अपने फार्म में गाँव की महिलाओं को मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण देती हैं और उन्हें छत्ते का बॉक्स देती हैं। वे उन महिलाओं से मधु खरीदती हैं, जिससे उन महिलाओं को आय प्राप्त होती है। 

माला फार्म्स से 60 लाख का सालाना टर्नओवर  

नेहा और उनके पति ने माला फार्म्स को एक इकोसिस्टम के रूप में ढाल दिया है। उन दोनों की कड़ी मेहनत और लगन से माला फार्म्स अब 50 एकड़ से अधिक में फ़ैल गया है। यह फार्म एकीकृत कृषि मॉडल के रूप में स्थापित हो चुका है। जैसा की हम जानते हैं कि खेती मेहनत मांगती है, लेकिन परिणाम स्वरूप हमें हमारी मेहनत से ज्यादा फल भी देती है। 

नेहा की इच्छा है कि वे अपनी फार्म का और विस्तार करें और फार्म स्कूल खोले, जहां वे सबको यह सिखाएं कि कैसे ऑर्गेनिक खेती को जीवन शैली में शामिल करें, साथ ही प्रकृति के साथ जुड़कर रहें और खेती को सतत बनाए रखें।

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