युवा किसानों के लिए सुनहरा मौका, उद्यान विभाग दे रहा है 35% अनुदान और 30 लाख रुपए तक का कोलेटरल फ्री लोन, करें खेती से जुड़ा बिजनेस

On: Friday, January 9, 2026 9:00 AM
खेती से जुड़ा बिजनेस के लिए सरकारी योजनाएं

खेती से जुड़ा बिजनेस करना चाहते हैं, तो यह अच्छा मौका है। सरकार खेती से जुड़े कई क्षेत्रों में 35% तक सब्सिडी और 30 लाख रुपए तक का कोलेटरल फ्री लोन दे रही है।

खेती से जुड़ा बिजनेस के लिए सरकारी योजनाएं

खेती से आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार कई तरह से किसानों की मदद कर रही है, जिससे किसान कम मेहनत और कम लागत में अच्छा उत्पादन कर सकें और बेहतर आमदनी प्राप्त कर सकें। इस समय उत्तर प्रदेश में क्रांति धरा मेरठ के किसानों को कृषि क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए खेती से जुड़े बिजनेस करने तथा आधुनिक कृषि यंत्रों के इस्तेमाल के लिए अनुदान दिया जा रहा है।

इस योजना के तहत किसानों को पॉलीहाउस में खेती करने पर अनुदान मिल रहा है। इसके अलावा मशरूम उत्पादन, स्ट्रॉबेरी और तरह-तरह के फूलों की खेती पर भी अनुदान दिया जा रहा है। साथ ही प्रोसेसिंग सेक्टर में भी किसानों को भारी भरकम अनुदान मिल रहा है।

खेती से जुड़े बिजनेस पर कितना मिल रहा अनुदान

किसान खेती से जुड़ा बिजनेस करना चाहते हैं, तो इससे उनकी आमदनी में चार चांद लग सकते हैं। सरकार किसानों को फूड प्रोसेसिंग के लिए भी अनुदान दे रही है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकता योजना के तहत किसानों को 30 लाख रुपए तक का कोलेटरल फ्री लोन और 35% तक की सब्सिडी मिल रही है।

एकीकृत बागवानी योजना के तहत भी किसानों को फल, सब्जी आदि की खेती के लिए अनुदान दिया जा रहा है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कई किसान और युवा किसान इन योजनाओं से जुड़ रहे हैं और अच्छी कमाई कर रहे हैं।

कई किसानों ने उठाया सरकारी योजनाओं का फायदा

मेरठ जिले के कई किसानों ने इन सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर खेती से होने वाली आय में वृद्धि की है और नुकसान से बच रहे हैं। कई किसानों ने प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की है। जानकारी के अनुसार, सिर्फ मेरठ जिले के 80 किसानों को इन योजनाओं का लाभ मिला है।

ये किसान सब्जी, फल आदि को प्रोसेस करके अच्छी कमाई कर रहे हैं और पापड़, चिप्स, अचार जैसे उत्पाद बना रहे हैं। उद्यान विभाग द्वारा उन्हें प्रशिक्षण की सुविधा भी दी जा रही है, जिससे उनकी लागत कम हो रही है और ट्रेनिंग के माध्यम से उनके कौशल को बढ़ाया जा रहा है।

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