पशुओं के लिए बन रहा इको-थर्मल कंबल, गोबर से बनेंगे गमले सहित कई उत्पाद, महिलाओं को मिलेगी ट्रेनिंग, जानिए गो-कल्याण मॉडल

On: Wednesday, December 17, 2025 11:06 AM
पशुओं के लिए कहां बन रहा है इको-थर्मल कंबल

गो-कल्याण मॉडल से किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण महिलाओं को बड़ा लाभ मिलने वाला है। इससे उनकी आमदनी में वृद्धि होगी।

गो-कल्याण मॉडल से बढ़ेगी आमदनी

अब पशुपालन केवल दूध की बिक्री तक सीमित नहीं रहेगा। पशुपालक पशुओं के गोबर से भी कमाई कर सकेंगे। सर्दियों में पशुओं के बीमार पड़ने की समस्या को देखते हुए उनके संरक्षण के लिए इको-थर्मल कंबल तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे गोबर से विभिन्न उत्पाद बनाकर आत्मनिर्भर बन सकेंगी।

जैसा कि आप जानते हैं, उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गो-कल्याण योजना चलाई जा रही है। इस योजना के अंतर्गत अब केवल पशुओं का संरक्षण ही नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण का एक मजबूत मॉडल भी तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा पशुपालकों की आय बढ़ाने के कई नए रास्ते सामने आ रहे हैं। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

पशुओं के लिए कहां बन रहा है इको-थर्मल कंबल

उत्तर प्रदेश की मलावन गौशाला में पशुओं के लिए इको-थर्मल कंबल तैयार किया जा रहा है। यह कंबल टाट की बोरियों और अन्य आसपास उपलब्ध सामग्री से बनाया जा रहा है। किसानों और पशुपालकों के पास मौजूद पुरानी और बेकार वस्तुओं का इसमें उपयोग किया जाएगा। इससे एक ओर जहां पशुओं को सर्दियों में ठंड से बचाया जा सकेगा, वहीं दूसरी ओर पुनर्चक्रण को भी बढ़ावा मिलेगा। आइए जानते हैं कि पशुओं के गोबर से क्या-क्या उत्पाद बनाए जाएंगे, कमाई कैसे होगी और बाजार कहां मिलेगा।

गाय के गोबर से क्या-क्या बनाया जाएगा

गाय के गोबर से कई तरह के उत्पाद तैयार किए जाएंगे, जिससे रोजगार और आय के नए साधन बनेंगे। इस कार्य योजना के अंतर्गत लगभग 30 सखी समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद महिलाएं गोबर से गमले, अगरबत्ती, धूपबत्ती सहित कई उत्पाद बना सकेंगी।

इसके अलावा पशुपालक गोबर से वर्मी कंपोस्ट, गो-काष्‍ठ जैसे उत्पाद भी तैयार कर सकेंगे। गो-काष्‍ठ का उपयोग लकड़ी के स्थान पर किया जाता है, जिसकी मांग समय के साथ लगातार बढ़ रही है।

बाजार की व्यवस्था भी होगी तैयार

इन सभी उत्पादों की बिक्री के लिए बाजार की भी व्यवस्था की जा रही है। जानकारी के अनुसार, मलावन में राष्ट्रीय राजमार्ग के पास एक मार्केट प्लेस विकसित किया जाएगा, जहां गोबर से बने उत्पाद होंगे। यहां पशुपालक और महिलाएं अपने उत्पादों को उचित मूल्य पर बेच सकेंगी, जिससे आमदनी बढ़ेगी।

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