फरवरी में सब्जी की खेती से मुनाफा कमाना चाहते है तो चलिए आपको इस लेख में अधिक उत्पादन के साथ तगड़ी कमाई देने वाली सब्जियों की खेती की जानकारी देते है-
सब्जी की खेती से अमीर
सब्जी की खेती करके अमीर बनना चाहते हैं तो कई बातों को ध्यान में रखकर सब्जियों की खेती करनी चाहिए। जैसे कि आने वाले समय में कौन सी सब्जी की अधिक कीमत मिलेगी, मंडी में किसकी डिमांड ज्यादा होगी, सब्जी की आवक कम होगी, जिससे किसान को मुनाफा हो जाए और इस समय कौन सी सब्जी लगाने पर अच्छा उत्पादन मिलेगा। जलवायु, तापमान आदि चीज अनुकूल है तो यह सब चीज अगर किसान ध्यान में रखते हैं तो उन्हें नुकसान नहीं होता है, तो चलिए आपको बताते हैं फरवरी में कौन सी चार सब्जियों को लगाने पर अच्छा फायदा होता है।
4 सब्जियों की खेती में फायदा
नीचे लिखे चार बिंदुओं के अनुसार चार सब्जियों की खेती की जानकारी लीजिए, जिससे इस समय अच्छा उत्पादन और आने वाले समय में बढ़िया मुनाफा मिलेगा-
- सबसे पहले नंबर पर हम भिंडी की खेती रखेंगे। क्योंकि अगर इसकी खेती करते हैं तो 6 महीने तक लगातार उत्पादन मिलता है, और किसानों अच्छी आमदनी भी हो जाएगी। भिंडी की डिमांड हमेशा बनी रहती है। इसीलिए इसकी खेती में किसानों को फायदा है। भिंडी के बढ़िया बीज ऑनलाइन भी मिल जाएंगे और सरकारी कृषि केंद्र से भी खरीद सकते हैं। भिंडी की खेती के लिए बढ़िया जल निकासी वाली मिट्टी का चयन करें। जिसका पीएच मान 7 से 7.8 के बीच होता है, भिंडी की खेती फरवरी से मार्च के बीच भी की जा सकती है।

- इसके बाद ग्वार फली की खेती किसानों के लिए मुनाफे वाली है। क्योंकि इसमें लागत कम आएगी और 40 से ₹50 किलो तक मंडी भाव इससे किसानों को मिल सकता है। नहीं यही तो अच्छा उत्पादन लेने के लिए किसानों को बुवाई का समय मिट्टी, सिंचाई और वैरायटी का भी ध्यान रखना चाहिए। फरवरी से मार्च के बीच किसान इसकी खेती कर सकते हैं। इसके बाद बरसात में करना है तो जून से जुलाई के बीच बढ़िया समय होगा।
- गिलकी की खेती किसानों के लिए मुनाफे का सौदा है यह सबसे कम खर्चीले सब्जी की खेती में आती है। गिलकी जिसे तुरई कहा जाता है, रेतीली मिट्टी इसके लिए बढ़िया होती है। ज्यादा उत्पादन लेने के लिए गोबर की खाद और वर्मी कंपोस्ट इस्तेमाल करें।
- हरी मिर्च की खेती भी किसानों के लिए मुनाफे का सौदा है। 10 महीने तक किसी से भी लगातार कमाई की जा सकती है। साल भर हरी मिर्च की डिमांड रहती है। हरी मिर्च की खेती में किसान हरी और सूखी मिर्च की बिक्री भी कर सकते हैं। एक हेक्टेयर में 10 से 15 लाख रुपए से कमाया जा सकता है। खरपतवार की समस्या से दूर रहने के लिए मिट्टी में नमी बनाए रखने के लिए तापमान नियंत्रण के लिए मल्चिंग का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह लंबी अवधि की फसल है। इसमें किसानों को फायदा ही होगा।