MP के किसानों के लिए एक अच्छी खबर है, अब समय पर, सही मात्रा में और जरूरत के अनुसार खाद मिल सकेगी। चलिए बताते हैं कि कैसे होगा इसका फायदा।
खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए अभियान शुरू
देश के कई राज्यों में खाद की कालाबाजारी को लेकर लंबे समय से खबरें आ रही हैं। इस समस्या को रोकने के लिए विभिन्न राज्य सरकारें लगातार प्रयास कर रही हैं। इसी कड़ी में, मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में कलेक्टर ने खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा है कि सभी गोदामों और दुकानों का निरीक्षण रोजाना किया जाए तथा जिले की सीमाओं पर निगरानी रखी जाए, ताकि खाद की अवैध ढुलाई और कालाबाजारी को रोका जा सके। साथ ही, कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिया है कि दुकानदार किसानों को उनकी जमीन के अनुसार ही खाद का वितरण करें।
किसानों को ऑनलाइन मिलेगी खाद
खाद वितरण की व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने के लिए अब खाद का वितरण ऑनलाइन किया जाएगा। उपसंचालक कृषि ने बताया कि 27 सितंबर से जिले में खाद का वितरण ऑनलाइन माध्यम से होगा, जिसमें किसानों को उनकी जमीन से संबंधित जानकारी भी ऑनलाइन उपलब्ध होगी। जमीन और खाद की डिटेल्स उन्हें ऑनलाइन देखने की सुविधा दी जाएगी।
आधार लिंक करके होगा खाद का वितरण
इस ऑनलाइन सिस्टम को लागू करने के लिए किसानों का आधार कार्ड लिंक किया जाएगा। आधार लिंकिंग के माध्यम से ही किसानों को उनकी जमीन के हिसाब से खाद का वितरण किया जाएगा। यानी, जिस किसान को जितनी जरूरत है, उसी के अनुसार खाद दी जाएगी। इससे खाद का वितरण समान रूप से होगा और पारदर्शिता बनी रहेगी।

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