बागवानी के लिए कई तरह के टूल्स जाते हैं, जो कि बहुत ज्यादा जरूरी होते हैं। तो चलिए इस लेख के माध्यम से जानते हैं होम गार्डनिंग के लिए जरूरी टूल्स के बारे में।
होम गार्डनिंग के लिए जरूरी टूल्स
किसी भी काम को अगर सही तरीके से किया जाए तो उसके कई फायदे होते हैं। इसी तरह बागवानी को भी सही तरीके से करने के लिए बहुत सारे यंत्रों, टूल्स की जरूरत पड़ती है। इससे काम आसान होता है, समय की बचत होती है तथा पौधे भी सुंदर होते हैं। उनका विकास अच्छे से होता है, जिससे बगीचा सुंदर भी लगता है। लोग आपकी तारीफ करेंगे और आपको भी वहां पर बैठकर अच्छा लगेगा। हरी-भरी जगह में बैठने से मन को शांति मिलेगी। साथ ही प्रदूषण भी कम होगा, जो पर्यावरण के लिए अच्छा है।
तो अगर होम गार्डनिंग कर रहे हैं या शुरू करने जा रहे हैं, तो कुछ टूल्स के बारे में पता होना चाहिए जो कि बहुत ज्यादा जरूरी हैं। तो चलिए नीचे बिंदुओं के अनुसार होम गार्डनिंग के लिए टूल्स बताते हैं।
गार्डन फोर्क
गार्डन फोर्क यह खुदाई का काँटा है, यह एक कांटेदार यंत्र होता है, जो मिट्टी को ढीला और हवादार बनाने के लिए काम आता है। इससे खरपतवार भी हटाए जा सकते हैं। पौधा लगाने के पहले और लगाने के बाद भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। बगीचे के लिए यह बहुत ज्यादा जरूरी होता है। इससे आप गमले की मिट्टी को भी आसानी से भुरभुरा कर सकते हैं। बागवानी की शुरआत इसीसे होती है।

हैंड ग्लव्स
बागवानी करने के लिए हैंड ग्लव्स की बहुत ज्यादा जरूरत होती है, लेकिन सभी लोग इसका इस्तेमाल नहीं करते। इसके नुकसान यह होते हैं कि हाथों में गंदगी लग जाती है, नाखूनों के भीतर मिट्टी चली जाती है, जिससे बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। क्योंकि मिट्टी में बहुत तरह के कीड़े और कंकड़-पत्थर होते हैं, जो हाथों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए हैंड ग्लव्स पहनकर ही बागवानी करनी चाहिए।
हैंड प्रूनर
पौधे लगाने के बाद हैंड प्रूनर की जरूरत पड़ती है। यह एक तरह की कैंची होती है, जिसका इस्तेमाल बागवानी के लिए किया जाता है। यह मजबूत होती है, जिससे पौधों की टहनियों को काटने-छांटने का काम किया जाता है। पौधों की कटिंग अगर साफ़ हैंड प्रूनर से की जाए तो फंगस आदि की समस्या नहीं आती। कटिंग जल्दी लग जाती है और जिस पौधे की कटिंग की जाती है उसकी ग्रोथ अच्छे से होती है। नई-नई शाखाएं आने लगती हैं।

स्प्रे बोतल
स्प्रे बोतल की भी बहुत ज्यादा जरूरत होती है। इससे पौधों को पानी देते समय फायदा होता है। स्प्रे बोतल से पौधे की पत्तियों में अच्छे से हर जगह पानी पहुंचता है। इसके अलावा, स्प्रे बोतल की मदद से कीटनाशक या फंगीसाइड आदि का भी छिड़काव किया जा सकता है। इसलिए यह भी बहुत जरूरी टूल है।
हैंड ट्रॉवेल
हैंड ट्रॉवेल एक छोटा फावड़ा होता है। इसका इस्तेमाल पौधों को लगाने, मिट्टी खोदने, मिट्टी का मिश्रण मिलाने और एक पौधे को दूसरी जगह ट्रांसप्लांट करने के लिए किया जाता है। यह भी एक जरूरी यंत्र है, जिससे काम आसान हो जाता है।
सीडलिंग ट्रे
यह भी बहुत जरूरी होता है। अगर कोई पौधा बीज से तैयार करना चाहते हैं, तो सीडलिंग ट्रे का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे बीज से पौधा जल्दी तैयार हो जाता है। जब बीज से नर्सरी तैयार हो जाती है, तो उसे दूसरी जगह लगाने में आसानी होती है। इससे पौधा आसानी से निकल जाता है। बीज जर्मिनेट करने के लिए सीडलिंग ट्रे का इस्तेमाल करना चाहिए।
गार्डन ब्रूम
बगीचे की साफ-सफाई के लिए गार्डन ब्रूम का इस्तेमाल किया जाता है। यह एक झाड़ू की तरह होता है, जिससे बगीचे की सफाई अच्छे से हो जाती है। इससे बगीचे में साफ-सफाई बनी रहती है। कीड़े कम आते हैं और फंगस आदि की समस्या भी नहीं होती।
गमले के लिए जुगाड़
बागवानी के लिए खाली जमीन और गमले की जरूरत पड़ती है। जिस तरह के आप पौधे लगा रहे हैं, उसके अनुसार जमीन और गमलों की आवश्यकता होती है। गमले भी कई प्रकार के होते हैं।
हैंगिंग पॉट्स जो कि एक हैंगर वाला गमला होता है, जिसे लटकाया जाता है। कुछ गमले जमीन पर रखने के लिए होते हैं, जो अलग-अलग प्रकार के मिलते हैं। इनमें मिट्टी वाला गमला सबसे अच्छा माना जाता है। सीमेंट वाले गमले घूमने-फिरने में भारी होते हैं, जबकि मिट्टी वाला गमला ज्यादा उपयुक्त माना जाता है। प्लास्टिक के गमले भी बाजार में उपलब्ध हैं, लेकिन मिट्टी वाले गमले को ही बेहतर माना जाता है।
अगर आप गमले पर खर्च नहीं करना चाहते, तो पुरानी बोरियों का इस्तेमाल कर सकते हैं। अनाज की बोरियों का इस्तेमाल करके भी पौधे लगाए जा सकते हैं। इसके लिए बोरी के निचले हिस्से को काटकर, ऊपर के हिस्से को बांधकर उसे उल्टा कर दिया जाता है। इससे वह एक तरह का ग्रो बैग बन जाता है। ग्रो बैग हल्के होते हैं और इन्हें इधर-उधर आसानी से रखा जा सकता है। अगर आप बाजार से ग्रो बैग नहीं खरीदना चाहते, तो बोरियों से बनाए गए ग्रो बैग में भी फल, सब्जियां और फूल वाले पौधे आसानी से लगाए जा सकते हैं।
इसके अलावा, प्लास्टिक के कंटेनर का इस्तेमाल कर सकते हैं। पुराने ड्रम आदि का भी उपयोग किया जा सकता है, जो कबाड़ की दुकान से सस्ते दामों पर आसानी से मिल जाते हैं।
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