₹130 का जुगाड़ सब्जी-फल के किसानों के लिए वरदान, कीट विज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों ने बनाया कमाल का ट्रैप

On: Saturday, September 13, 2025 11:51 AM
फल-सब्जी के किसानों को फल मक्खी की समस्या

किसानों के लिए अच्छी खबर है। फल और सब्जियों का मुनाफा बढ़ाने के लिए इस जुगाड़ का इस्तेमाल करना चाहिए, जिसे कीट विज्ञान विभाग द्वारा तैयार किया गया है।

फल-सब्जी के किसानों को फल मक्खी की समस्या

फल और सब्जी की खेती में मुनाफा तो है, लेकिन फल मक्खी के कारण किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ता है। बताया जाता है कि सब्जियों जैसे कद्दू, परवल, तोरई, खीरा, तरबूज, करेला आदि की फसलों को 30% से लेकर 80% तक नुकसान होता है। वहीं, अमरूद के किसानों को 90% से 100% तक नुकसान होता है, क्योंकि फल मक्खी फलों में अंडे देती है जिससे फल सड़ जाते हैं। इसके अलावा, आम के किसानों को भी 30% तक नुकसान उठाना पड़ता है।

इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए कीट विज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों ने एक सस्ता और कारगर जुगाड़ तैयार किया है, जो किसानों की फसलों को बचा सकता है।

कीट विज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों ने बनाया ट्रैप

कीट विज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों द्वारा किसानों के लिए एक विशेष ट्रैप (जाल) तैयार किया गया है, जो फल मक्खी को आकर्षित करता है और उसे फसा लेता है। दरअसल, यहां पर चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कीट विज्ञान विभाग की बात की जा रही है, जहां पर कीट प्रबंधन के लिए एक समाधान विकसित किया गया है जिसे “फ्रूट फ्लाई ट्रैप” कहा जाता है।

यह फ्रूट फ्लाई ट्रैप किसानों को मात्र ₹130 में उपलब्ध हो जाता है। इसमें एक सेप्टा होता है, जिसे एक निश्चित समय बाद बदलना होता है। एक ही बोतल में ₹100 का खर्च करके कुछ महीने बाद दूसरा सेप्टा लगाकर काम जारी रखा जा सकता है। एक एकड़ में यदि 15 ट्रैप लगाए जाएं, तो भी बहुत अच्छा फायदा होता है और खेत के चारों ओर से फल मक्खी का सफाया हो जाता है।

कैसे करें ट्रैप का उपयोग

इस ट्रैप को खेत के विभिन्न हिस्सों में लगाया जाता है। इसके लिए खेत में डंडा या टहनी लगाकर उस पर ट्रैप को टांग दिया जाता है। इस तरह का फ्रूट फ्लाई ट्रैप ऑनलाइन भी उपलब्ध है, जिसे प्लास्टिक की कोल्ड ड्रिंक की बोतल में फिट करके इस्तेमाल किया जाता है। किसान इसे कहीं से भी खरीद सकते हैं।

वहीं, विश्वविद्यालय की कुलपति द्वारा इस स्टाफ (संयंत्र) का शुभारंभ किया गया है, जिससे ऑर्गेनिक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा। कम खर्च में खेती संभव होगी, और किसान इसका लाभ उठा सकेंगे। देश के अन्य राज्यों के किसान भी इस तरह के ट्रैप की खरीदी ऑनलाइन कर सकते हैं।

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