छत्तीसगढ़ की महिलाओं को 36 दुधारू पशु वितरित किए गए, 70 हजार रु की मिली सब्सिडी, जानिए डेयरी व्यवसाय से महिलाओं को कितनी होगी आमदनी

On: Wednesday, December 24, 2025 2:39 PM
जनजातीय महिलाओं को दुधारू पशुओं का वितरण

डेयरी व्यवसाय से महिलाओं को अच्छी खासी आमदनी होगी, जिससे वे अपना खर्च खुद चला पाएंगी। इसी उद्देश्य से जनजातीय महिलाओं को 36 दुधारू पशुओं का वितरण किया गया है। आइए जानते हैं इस योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी के बारे में।

जनजातीय महिलाओं को दुधारू पशुओं का वितरण

छत्तीसगढ़ में डेयरी व्यवसाय के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए बस्तर संभाग में यह योजना चलाई जा रही है। एनडीडीबी (राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड) द्वारा कांकेर और कोंडागांव जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत इस योजना को लागू किया गया है।

इस योजना के अंतर्गत महिलाओं को डेयरी व्यवसाय से जोड़ने के लिए दुधारू पशुओं का वितरण किया गया है, जिसमें जनजातीय महिलाओं को विशेष रूप से लाभ मिला है। अब तक 24 महिलाओं को 36 दुधारू पशु वितरित किए जा चुके हैं। आइए जानते हैं कि उन्हें कितना अनुदान मिला है।

महिलाओं को दुधारू पशुओं पर कितना अनुदान मिला

योजना के अंतर्गत महिलाओं को दुधारू पशुओं पर अनुदान दिया जा रहा है, साथ ही बैंक ऋण की स्वीकृति भी दी जा रही है। इस योजना के तहत 125 महिलाओं को ऋण एवं अनुदान पर दो दुधारू पशु लेने का अवसर दिया गया था, जिसमें से 47 महिलाओं ने आवेदन किया और 24 महिलाओं को इसका लाभ मिला।

योजना के अंतर्गत महिलाओं को दो दुधारू पशुओं पर ₹70,000 तक की सब्सिडी दी जाती है, यानी कुल लागत लगभग ₹1.40 लाख बताई जा रही है। इसमें 50 प्रतिशत राशि अनुदान के रूप में दी जाती है, 40 प्रतिशत बैंक ऋण होता है और केवल 10 प्रतिशत राशि महिलाओं को स्वयं वहन करनी पड़ती है। इस तरह महिलाएं मात्र 10 प्रतिशत खर्च करके दुधारू पशु खरीद सकती हैं। अब जानते हैं कि इससे हर महीने कितनी कमाई हो सकती है।

महिलाओं को हर महीने कितनी होगी आमदनी

यहां महिलाओं को उन्नत नस्ल के दुधारू पशु दिए जा रहे हैं। बताया गया है कि उन्हें साहीवाल नस्ल की गायें मिल रही हैं, जो प्रतिदिन 8 से 10 लीटर दूध देने की क्षमता रखती हैं। यदि दो गायों से प्रतिदिन 18 से 20 लीटर दूध का उत्पादन होता है और उसमें से 12 लीटर दूध प्रतिदिन दुग्ध समिति को दिया जाता है, तो महिलाओं को हर महीने लगभग ₹13,000 की आमदनी हो सकती है।

इसके अलावा महिलाओं को एक साल तक कई सुविधाएं निशुल्क दी जाती हैं, जैसे प्रतिदिन 2 किलो पशु आहार, 50 ग्राम खनिज मिश्रण, 5 किलो सूखा चारा, पशु स्वास्थ्य की नियमित निगरानी और गायों का एक साल का निशुल्क बीमा। इस योजना का लाभ राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के माध्यम से महिलाओं को दिया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।

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