सभी किसानों को मिलेंगे 10 हजार रु, दो हेक्टेयर तक मिलेगा योजना का फायदा, रबी फसलों के लिए शुरू हुई योजना

On: Tuesday, January 20, 2026 4:41 PM
किसानों को मिलेंगे 10 हजार रु तक आर्थिक मदद

सभी प्रकार के किसानों के लिए यह सरकारी योजना शुरू की गई है, जिसमें उन्हें दो हेक्टेयर तक रबी फसलों के नुकसान पर मुआवजा दिया जाएगा।

किसानों को मिलेंगे 10 हजार रु तक आर्थिक मदद

बिहार के किसानों के लिए यह योजना शुरू की गई है, जिसमें 2025-26 सीजन की रबी फसलों को शामिल किया गया है। अनाज और सब्जी की खेती करने वाले किसान इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। इस योजना के तहत गेहूं, मक्का, मशहूर, सरसों, चना, अरहर के अलावा आलू, प्याज, फूलगोभी, टमाटर, मिर्च, बैंगन और गन्ना की खेती करने वाले किसानों को सहायता राशि दी जाएगी।

इस योजना का लाभ सभी वर्ग के किसान उठा सकते हैं। रैयत किसान, आंशिक रैयत किसान, साथ ही नगर परिषद या नगर निगम क्षेत्र में खेती करने वाले किसान भी इस योजना से जुड़ सकते हैं। तो आइए जानते हैं, इस योजना की शर्तें क्या हैं और किसानों को क्या-क्या फायदे मिलेंगे।

फसल सहायता योजना

इस योजना का नाम फसल सहायता योजना है। इस योजना को शुरू करने के पीछे सरकार का उद्देश्य किसानों को फसल नुकसान से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाना है। योजना के अंतर्गत अगर 20 प्रतिशत तक फसल का नुकसान होता है, तो सरकार किसानों को ₹7,500 की सहायता देगी। वहीं अगर फसल का नुकसान 20 प्रतिशत से अधिक होता है, तो किसानों को ₹10,000 की सहायता राशि मिलेगी।

यह राशि प्रति हेक्टेयर निर्धारित की गई है। एक किसान अधिकतम दो हेक्टेयर तक इस योजना का लाभ उठा सकता है। फसल सहायता योजना के तहत फसल खराब होने पर किसानों को मुआवजा दिया जाता है। यह योजना किसानों के लिए काफी लाभकारी साबित हो सकती है। अगर खेती से जुड़ी चुनौतियों और आर्थिक नुकसान से बचना चाहते हैं, तो इस योजना का लाभ जरूर लें। अब जानते हैं कि आवेदन कैसे और कब तक किया जा सकता है।

फसल सहायता योजना का लाभ कब और कैसे मिलेगा

फसल सहायता योजना का लाभ एक निश्चित समय-सीमा के भीतर ही मिलेगा। यदि किसान तय समय से पहले आवेदन नहीं करते हैं, तो वे इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएंगे। योजना का लाभ लेने के लिए पंजीकृत किसान कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय फसल और खेत से संबंधित जानकारी देना अनिवार्य होगा।

जिसमें आलू की फसल के लिए 31 जनवरी तक, बैंगन की फसल 28 फरवरी तक, फूलगोभी, रबी सीजन की मिर्च और सरसों के लिए 31 मार्च तक, प्याज, चना और मसूर के किसान 15 फरवरी तक, गेहूं, मक्का, गन्ना, टमाटर और बैंगन के किसान 28 फरवरी तक आवेदन कर सकते है।

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