CNG और CBG ट्रैक्टरों किसानों के डीजल के खर्च को बचाएंगे, साथ ही पर्यावरण में प्रदूषण भी नहीं फैलाएंगे। आइए जानते हैं इससे किसानों को होने वाले फायदे।
किसानों का डीजल का खर्चा बचेगा
खेती में कई तरह के खर्च आते हैं, जिनमें ट्रैक्टर के इस्तेमाल पर डीजल का बड़ा खर्च भी शामिल होता है। डीजल से चलने वाले ट्रैक्टर से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण फैलाता है। अब किसानों को इस समस्या से राहत मिलने वाली है, क्योंकि CNG और CBG ट्रैक्टरों को बिना डीजल के चलाया जा सकेगा। यह ट्रैक्टर किसानों के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी लाभकारी साबित होंगे।
सीएनजी और सीबीजी ट्रैक्टर कैसे चलते हैं
CNG और CBG ट्रैक्टरों को चलाने के लिए डीजल जैसे ईंधन की जरूरत नहीं पड़ती। सीएनजी ट्रैक्टर कंप्रेस्ड नेचुरल गैस से चलते हैं, जबकि सीबीजी ट्रैक्टर कंप्रेस्ड बायोगैस से चलते हैं। इनसे बहुत कम धुआं निकलता है, जिससे इंजन स्मूथ रहता है और बेहतर तरीके से काम करता है। यह ईंधन किसानों को सस्ता भी पड़ता है और डीजल की तरह गंदा भी नहीं होता।
ईंधन का खर्च CNG और CBG ट्रैक्टरों से कितना कम होगा
अगर किसान ट्रैक्टर के ईंधन खर्च को कम करना चाहते हैं, तो सीएनजी और सीबीजी एक बेहतर विकल्प हैं। इन ईंधनों के इस्तेमाल से ट्रैक्टर का ईंधन खर्च 40 से 50 प्रतिशत तक कम हो सकता है। बताया जा रहा है कि महिंद्रा ट्रैक्टर्स सहित अन्य नामी कंपनियां सीएनजी और सीबीजी तकनीक वाले ट्रैक्टर तैयार कर रही हैं। इनमें आधुनिक डिजाइन, बेहतर इंजन और छोटे मॉडल भी शामिल हैं, जो छोटे और सीमांत किसानों के लिए किफायती साबित होंगे।
नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही यह जानकारी सामने आ रही है कि इस साल बाजार में सीएनजी और सीबीजी ट्रैक्टर अधिक देखने को मिलेंगे, जिससे खेती की लागत घटेगी और किसानों को सीधा फायदा मिलेगा।

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