मुर्गी पालन करना चाहते हैं? तो चलिए, यहां पर आपको सबसे सस्ता मॉडल बताते हैं जिसमें फायदा अधिक होता है।
फ्री रेंज देसी मुर्गी पालन के फायदे
फ्री रेंज देसी मुर्गी पालन का अर्थ होता है मुर्गियों को खुली जगह पर पालना। उनके लिए किसी महंगे फार्म की व्यवस्था न करके, बहुत ज्यादा दाना-चारा में पैसा खर्च न करके, उन्हें खेतों में खुले में चराना और बचा हुआ खाना देना। बिना फार्म या घर बनाए मुर्गी का पालन करना इस मॉडल को फ्री रेंज देसी मुर्गी पालन कहा जाता है।
इसमें मुर्गियां खुले में खेतों में चरती हैं और कीड़े खाती हैं। चलते-फिरते रहती हैं तो उनका शरीर सक्रिय रहता है और उन्हें किसी तरह की रोग-बीमारी जल्दी नहीं आती है। साथ ही चारे का खर्चा भी बच जाता है।
फ्री रेंज देसी मुर्गी पालन में खर्चा
अगर फ्री रेंज जैसे मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो यह एक अच्छा विकल्प है। देसी मुर्गी की कीमत ज्यादा मिलती है और अगर फ्री रेंज में पालन करेंगे तो खर्चा कम आएगा। इसमें चूजे और कुछ दाने का खर्चा आता है और रहने की व्यवस्था में भी थोड़ा-बहुत ही खर्च करना पड़ता है।
मान लीजिए एक चूजा ₹30 में मिल रहा है, तो 100 चूजों का पालन करने पर ₹3000 का खर्चा आएगा। वहीं खाना मान लीजिए कि ₹8000 का दाना उन्हें दे रहे हैं और ₹2000 में त्रिपाल चारा-भूसा से उनके रहने की जगह बना रहे हैं, तो कुल मिलाकर ₹13000 का खर्चा स्वदेशी मुर्गी पालन में आ रहा है।
ये मुर्गियां दो से तीन माह में तैयार हो जाएंगी। 1 से 1.5 किलो की हो सकती हैं। लेकिन मान लीजिए कि औसत वजन 1 से 1.25 किलो तक हो सकता है।

फ्री रेंज देसी मुर्गी पालन में कमाई
अगर फ्री रेंज में देसी मुर्गी पालन करते हैं, तो 100 मुर्गियों से ₹47200 तक की कमाई कर सकते हैं। मान लीजिए कि देसी मुर्गी की कीमत ₹400 किलो है और आपके पास कुल 118 किलो मुर्गी है। क्योंकि एक मुर्गे का औसत वजन 1.25 किलो का है, और मान लीजिए कि आपके पास 100 मुर्गी नहीं, बल्कि 95 मुर्गियां बचती हैं, तो इस हिसाब से 118.75 किलो मुर्गी होगी। जिससे ₹47000 की कमाई होती है।
वहीं अगर मान लीजिए कि भाव ₹350 है, और थोक में आप मुर्गियों को बेचते हैं, तो इस हिसाब से ₹350 × 118 = ₹41300 का ही कमाई होती है। लेकिन अगर इसमें ₹13000 लागत को घटा दिया जाए, तो मुनाफा ₹28300 होता है। वहीं ₹400 के भाव से ₹47200 में से ₹13000 घटाने पर ₹34200 का मुनाफा होता है।
अगर आप मुर्गी पालन करने का मन बना रहे हैं, तो सबसे अच्छा होगा कि पहले ट्रेनिंग ले लें और मुर्गियों के वैक्सीन, दवा आदि की जानकारी भी ले लें, ताकि इस तरह की कोई चुनौती ना आए कि वे बीमार हो जाएं और फिर नुकसान हो।
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