BeeKeeping: अगर किसान के पास बंजर जमीन पड़ी हुई है, तो उससे भी अच्छी कमाई की जा सकती है। सरकार ऐसे किसानों को सब्सिडी और ट्रेनिंग की सुविधा भी देती है।
बंजर जमीन से कमाई कैसे करें
यदि बंजर जमीन से कमाई करना चाहते हैं, तो मधुमक्खी पालन एक बेहतरीन विकल्प है। इस व्यवसाय के लिए सरकार की ओर से हर तरह की मदद दी जाती है जैसे ट्रेनिंग, सब्सिडी और लोन की सुविधा। मधुमक्खी पालन के लिए ज्यादा उपजाऊ जमीन की जरूरत नहीं होती। अगर जमीन बंजर है, तब भी वहां मधुमक्खी पालन किया जा सकता है। मधुमक्खियों को लकड़ी के बॉक्स (डिब्बों) में रखा जाता है।
ध्यान रखने वाली बात यह है कि जहां मधुमक्खी पालन किया जा रहा हो, उसके आसपास ऐसी फसलें होनी चाहिए, जिनसे मधुमक्खियां शहद इकट्ठा कर सकें। इसके लिए फूलों वाली फसलें लगाई जा सकती हैं। बताया जाता है कि मधुमक्खियां अपने छत्ते से लगभग 3 किलोमीटर के दायरे में शहद इकट्ठा करती हैं। जहां मधुमक्खी पालन किया जाता है, वहां आसपास की फसलों का उत्पादन 30% तक बढ़ जाता है।
इस तरह किसानों को दोहरा लाभ मिलता है, बंजर जमीन से मधुमक्खी पालन की कमाई। आसपास की फसलों की पैदावार में बढ़ोतरी। आइए जानते हैं कि आधा एकड़ जमीन में मधुमक्खी पालन करके ₹12 लाख तक की कमाई कैसे की जा सकती है।
मधुमक्खी पालन से कितनी कमाई होती है
मधुमक्खी पालन से शहद का उत्पादन किया जाता है। अगर आधा एकड़ जमीन में मधुमक्खी पालन किया जाए, तो वहां लगभग 100 बॉक्स लगाए जा सकते हैं। एक बॉक्स से साल में 30 से 50 किलो तक शहद प्राप्त होता है। जब बॉक्स में शहद भर जाता है, तो मशीन की मदद से शहद निकाल लिया जाता है। 100 बॉक्स के मधुमक्खी पालन को संभालने के लिए लगभग 3 मजदूर पर्याप्त होते हैं। एक मधुमक्खी बॉक्स की कीमत करीब ₹4,000 होती है। हालांकि सरकार की सब्सिडी लेने पर यह व्यवसाय कम लागत में शुरू किया जा सकता है।
मधुमक्खी पालन के लिए ट्रेनिंग और सब्सिडी की जानकारी कहां मिलेगी, मधुमक्खी पालन करने के लिए सही ट्रेनिंग लेना बहुत जरूरी है। इसके लिए किसान अपने जिले के कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), उद्यान विभाग, हॉर्टिकल्चर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, कृषि विश्वविद्यालय, खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग से संपर्क कर सकते हैं। यहां पर मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण दिया जाता है, साथ ही सब्सिडी और लोन की पूरी जानकारी भी मिलती है। ज्यादातर ट्रेनिंग निशुल्क या बहुत कम शुल्क में दी जाती है।

नमस्ते, मैं निकिता सिंह । मैं 3 साल से पत्रकारिता कर रही हूं । मुझे खेती-किसानी के विषय में विशेषज्ञता प्राप्त है। मैं आपको खेती-किसानी से जुड़ी तरो ताजा खबरें बताउंगी। मेरा उद्देश्य यही है कि मैं आपको ‘काम की खबर’ दे सकूं । जिससे आप समय के साथ अपडेट रहे, और अपने जीवन में बेहतर कर सके। ताजा खबरों के लिए आप https://khetitalks.com के साथ जुड़े रहिए । धन्यवाद













