गेहूं के खेतों में खरपतवार की करें सफाई, बुवाई के 3 दिन के भीतर डालें यह दवा, 50% सब्सिडी दे रही सरकार, 25% तक पैदावार बढ़ाएं

On: Friday, November 28, 2025 5:52 PM
गेहूं के खेतों में खरपतवार

गेहूं की पैदावार 25% तक घटने से बचाने के लिए गेहूं के खेतों में खरपतवार हटाना बहुत जरूरी है। इसलिए आइए जानते हैं कि बुवाई के 3 दिन के भीतर कौन-सी दवा डालनी चाहिए और सरकार किसानों को क्या सहयोग दे रही है।

गेहूं के खेतों में खरपतवार होने के नुकसान

अगर गेहूं के खेतों से खरपतवार समय पर नहीं हटाई जाती और न ही नियंत्रित की जाती है, तो किसानों को भारी नुकसान होता है। कई एक्सपर्ट बताते हैं कि अगर गेहूं के खेतों में खरपतवार बढ़ जाती है, तो पैदावार 25% तक कम हो सकती है। किसानों को उत्पादन का नुकसान न हो, इसलिए उत्तर प्रदेश राज्य सरकार द्वारा किसानों को सहयोग दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के कृषि विभाग द्वारा खरपतवार नियंत्रण के लिए दवाइयां और देसी तरीके बताए जा रहे हैं, जिनसे किसान इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

खरपतवारनाशी पर कहां मिल रहा अनुदान

गेहूं की खेत में खर्च कम आए और पैदावार अधिक मिले, इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार खरपतवारनाशी दवाओं पर अनुदान दे रही है। कृषि विभाग के सभी राजकीय बीज भंडारों पर गेहूं में डालने वाली खरपतवार नाशी दवा पर 50% अनुदान मिल रहा है। इससे किसानों को केवल आधा खर्च ही करना पड़ेगा।

गेहूं की बुवाई के 3 दिन के भीतर डालें यह खरपतवारनाशी

गेहूं की बुवाई के 3 दिन के भीतर एक प्रभावी खरपतवारनाशी डालकर खरपतवार को उगने से ही रोका जा सकता है। कई प्रकार की खरपतवार नाशी दवाएं आती हैं, लेकिन 3 दिन के भीतर उपयोग की जाने वाली दवा में पेंडिमिथिलीन 30% ई.सी. एक प्रमुख दवा है। इसे एक हेक्टेयर में 3.3 लीटर की मात्रा में इस्तेमाल किया जाता है। इसे बुवाई के 3 दिन के अंदर फ्लैट नोजल से छिड़का जाता है।

छिड़काव करते समय किसान को पीछे की ओर चलते हुए स्प्रे करना चाहिए, ताकि दवा की परत टूटे नहीं। अगर दवा की परत टूट जाएगी, तो वहां से फिर से खरपतवार उग सकते हैं।

यह भी पढ़े- गेहूं की 2 नई वैरायटी हुई विकसित, बाकियों से है अलग, रोग-प्रतिरोधक क्षमता ज्यादा, कम पानी में देगी बंपर उत्पादन, जलवायु परिवर्तन का नहीं होगा असर