MP के किसानों को घर बैठे खाद लेने के लिए यह कार्ड बनवाना है जरूरी, कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश

On: Thursday, January 22, 2026 12:36 PM
MP के इन जिलों में खाद ई-टोकन प्रणाली से दी जा रही

MP के किसानों को खाद लेते समय लंबी लाइनों से बचाने के लिए ई-टोकन प्रणाली शुरू है जिसके लिए यह कार्ड बनवाना जरूरी है, जानिये कलेक्टर के निर्देश।

MP के इन जिलों में खाद ई-टोकन प्रणाली से दी जा रही

एमपी के कई जिलों के किसानों को खाद ई-टोकन प्रणाली के माध्यम से दी जा रही है। यानी कि उन्हें घर बैठे खाद उपलब्ध कराई जा रही है। किसानों को लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ता है। जिसमें किसान आधार और फार्मर आईडी के माध्यम से ऑनलाइन पोर्टल पर टोकन जनरेट कर पाते हैं, और टोकन के द्वारा किसान की सुविधा के अनुसार समय पर उन्हें खाद दिया जाता है।

इससे कालाबाजारी की समस्या भी खत्म होती है, पारदर्शिता आती है। जिसमें मध्य प्रदेश के झाबुआ, अलीराजपुर, उज्जैन, ग्वालियर, रतलाम, विदिशा, जबलपुर, आगर मालवा और रायसेन, शाहजहांपुर, उज्जैन, पन्ना आदि जिलों के नाम आते हैं। जहां पर किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा उर्वरक वितरण की व्यवस्था लागू की गई है। जिसमें उर्वरक कूपन के द्वारा खाद का वितरण होता है। जिसमें आगर मालवा के कलेक्टर द्वारा किसानों के लिए जरूरी सूचना जारी की गई है, तो आइये जानते हैं इसके बारे में।

ई-टोकन से खाद लेने के लिए किसान कराएं फार्मर रजिस्ट्री

ई-टोकन से खाद लेने के लिए फार्मर रजिस्ट्री किसानों को करवानी होगी। दरअसल ग्रामीण क्षेत्रों में कैंप लगाकर पटवारी के द्वारा किसानों का फार्मर आईडी बनवाई गई है। जिससे किसानों के बारे में उसमें पूरी जानकारी दर्ज होगी। फार्मर रजिस्ट्री में खसरा नंबर जोड़ा जाता है। किसान और उनके द्वारा बोई गई फसल की पूरी जानकारी होती है। यह किसान का एक डिजिटल कार्ड होता है।

घर पर खाद कैसे मिलती है

MP के जिलों में ई-टोकन प्रणाली से खाद का वितरण किया जा रहा है, तो इसके लिए किसानों को घर बैठे उर्वरक के लिए पंजीयन करना पड़ता है। जिसके लिए इस https://etoken.mpkrishi.org/ पोर्टल पर जाकर पंजीयन करवा सकते हैं। जिला एवं स्थानीय स्तर पर कृषि अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण व मार्गदर्शन भी इस योजना का किसानों को दिया जाता है।

जिसमें आगर मालवा में कलेक्टर द्वारा यह भी निर्देश दिए गए हैं कि टोकन के द्वारा प्राप्त करने के बारे में किसानों को जागरूक किया जाए। जिन लोगों ने अभी तक फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है वह करवा ले और फार्मर आईडी, आधार कार्ड के साथ ई-टोकन व्यवस्था से उर्वरक प्राप्त करें।

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