गाय के गोबर से बने गमलों की भारी डिमांड हो गई है। इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने गोबर से बनेंगे 5 करोड़ गमले का फैसला लिया है।
गोबर से बनेंगे 5 करोड़ गमले
उत्तर प्रदेश में गोबर से गमले बनाने की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक ऐसी योजना बनाई है, जिसमें पॉलीथिन से बने गमलों की जगह अब गोबर से बने गमलों का इस्तेमाल किया जाएगा। प्लास्टिक के गमले कई तरह से नुकसानदायक होते हैं। इनमें पौधे सही तरीके से विकसित नहीं हो पाते हैं और जब ये खराब हो जाते हैं, तो इन्हें फेंकने से पर्यावरण प्रदूषित होता है। प्लास्टिक से गंदगी भी फैलती है। इसलिए प्रदेश को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए यह एक अच्छा फैसला माना जा रहा है।
7000 गौशालाओं में बनेंगे गोबर से गमले
उत्तर प्रदेश में कई गौशालाएं हैं, जहां गायों की सेवा की जाती है। अब इन गौशालाओं में गोबर का सही उपयोग किया जाएगा। बताया गया है कि प्रदेश की लगभग 7000 गौशालाओं में गोबर से गमलों का उत्पादन किया जाएगा। इससे रोजगार का सृजन होगा और गोपालकों को भी अच्छी आमदनी मिलेगी। शुरुआत में इस साल 5 करोड़ गमले बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
महिला स्वयं सहायता समूह और युवा उद्यमियों को मिलेगा रोजगार
इन गमलों को बनाने के लिए महिलाओं और युवा उद्यमियों को चुना जाएगा। प्रदेश के प्रत्येक जनपद में महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं और युवा उद्यमी गमलों का निर्माण करेंगे। इससे गौवंश संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। गौशालाएं आत्मनिर्भर बनेंगी और गोबर के माध्यम से ही उनका संचालन संभव हो सकेगा।
गोबर से बना गमला पौधों के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। नर्सरी तैयार करते समय भी इनका इस्तेमाल किया जा सकता है। पौधारोपण के समय प्लास्टिक के गमले की तरह इन्हें हटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि गमले सहित मिट्टी में दबाया जा सकता है, जिससे पौधों की जड़ों को नुकसान नहीं होता।

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