कई ऐसी फसलें हैं जो किसानों को थोड़ी सी जगह में भी कम समय में अच्छा मुनाफा देकर जाती हैं। आज आपको ऐसे ही एक किसान के बारे में बताने जा रहे हैं, जो सलाद पत्ता की खेती रहे हैं।
कम लागत में ज्यादा मुनाफा देने वाली फसल कौन-सी है?
कम लागत में ज्यादा मुनाफा देने वाली कई फसलें हैं, जिनकी जानकारी हम आपको समय-समय पर देते रहते हैं। आज हम जिस किसान की बात कर रहे हैं, वे सलाद पत्ता की खेती करके अच्छी कमाई कर रहे हैं। किसान का कहना है कि होटल और रेस्टोरेंट में सलाद पत्ता की काफी डिमांड रहती है, जिससे इसका अच्छा भाव मिलता है।
किसान 8,000 से 10,000 रुपये का खर्च करके 60,000 से 70,000 रुपये तक की कमाई कर लेते हैं। यह किसान सहेलियां गांव के रहने वाले हैं और उनका नाम अनुज है। दरअसल वे एक युवा किसान हैं और उन्हें सलाद पत्ता की खेती की सही जानकारी होने का पूरा फायदा मिल रहा है। आइए आपको भी इस फसल के बारे में बताते हैं।
सलाद पत्ता की खेती में कितना समय लगता है?
सलाद पत्ता की खेती में लगभग 40 से 45 दिन का समय लगता है और फसल तैयार हो जाती है। किसान बताते हैं कि सबसे पहले वे खेत की अच्छे से जुताई करते हैं। दो से तीन बार जुताई करने से खरपतवार नहीं उगते और मिट्टी भी भुरभुरी हो जाती है। अगर जुताई के बीच कुछ दिनों का अंतर रखा जाए, तो खरपतवार में और भी कमी देखने को मिलती है।
इसके बाद वे खेत में पुरानी गोबर की खाद डालते हैं, जिससे सलाद के पत्ते तेजी से उगते हैं, हरे-भरे रहते हैं और उनकी गुणवत्ता भी बेहतर होती है। खेत की तैयारी और खाद डालने के बाद सलाद पत्ता के बीजों की बुवाई की जाती है। जब पौधे निकलने लगते हैं, तब हल्की सिंचाई की जाती है। सलाद पत्ता की मांग खासतौर पर होटल और रेस्टोरेंट में रहती है, जहां इसका अच्छा दाम मिलता है।

सलाद पत्ता की किस्में
अगर इस खेती को करना चाहते हैं, तो कम जमीन से भी शुरुआत कर सकते हैं। किसान अनुज बताते हैं कि वे दो बीघा जमीन में सलाद पत्ता की खेती करते हैं। वे इसमें दो वैरायटी लगाते हैं। एक वैरायटी के पत्ते कुरकुरे होते हैं, जिनका इस्तेमाल सलाद के अलावा सैंडविच में भी किया जाता है। इसमें कैलोरी कम होती है, इसलिए यह वजन घटाने के लिए भी एक अच्छा विकल्प है।
सलाद पत्ता की कई किस्में होती हैं। इनमें बटरहेड, क्रिसपहेड, रोमेन और लूज़ लीफ प्रमुख किस्में हैं। इन किस्मों के पत्तों की बनावट और स्वाद अलग-अलग होता है। भारत में ग्रेट ल्यूकस चाइनीज और स्लोवाल्ट जैसी किस्में अच्छी पैदावार देती हैं और किसानों के लिए फायदेमंद मानी जाती हैं।
जिसमें बटर हेड के पत्ते मुलायम, हल्के हरे रंग के और गोल आकार के होते हैं। इसका सिर कॉम्पैक्ट होता है और मक्खन जैसा मुलायम लगता है। इसका स्वाद हल्का मीठा और खस्ता होता है। इसमें कई जरूरी विटामिन भी पाए जाते हैं। किसान बताते हैं कि वे हरे और लाल, दोनों प्रकार के सलाद पत्ता की खेती करते हैं, जिससे उन्हें बाजार में बेहतर दाम मिल पाता है।
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