अगर सेहत को लेकर चिंतित हैं, तो आइए जानते हैं कि घर पर सुपरफूड कैसे उगाया जा सकता है, वह भी बेहद कम समय में।
घर पर माइक्रोग्रीन्स उगाने के फायदे
माइक्रोग्रीन्स को सुपरफूड कहा जाता है। यह सबसे तेज़ी से उगने वाली फसल मानी जाती है, जिसे घर पर किसी प्लास्टिक की ट्रे में भी उगाया जा सकता है। यह 7 से 10 दिन में तैयार हो जाती है, जिसके बाद इसे काटकर सेवन किया जाता है। माइक्रोग्रीन्स को आप सलाद के रूप में खा सकते हैं। कच्चा खाने में यह ज्यादा फायदेमंद होता है, लेकिन इससे सूप, करी, सैंडविच, पास्ता, स्मूदी, जूस, आमलेट या दाल में डालकर भी खाया जा सकता है। यह सुपरफूड घर पर उगाकर कम खर्चे में खा सकते है और स्वस्थ रहें।
घर पर माइक्रोग्रीन्स कैसे उगाएँ
- अगर घर पर माइक्रोग्रीन्स उगाना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको बीजों की जरूरत पड़ेगी। सब्ज़ी, अनाज या किसी हर्ब के बीज ले सकते हैं, जैसे सूरजमुखी, मूली, सरसों, चुकंदर, मेथी, धनिया या फिर मटर आदि।
- इसके साथ ही आपको अच्छी जलनिकासी वाली मिट्टी चाहिए, जिसमें पानी रुकता न हो। चाहें तो कोकोपीट का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
- अब एक ट्रे या कोई कंटेनर लें, जिसमें आप मिट्टी या कोकोपीट भर सकें। ट्रे में नीचे छेद होना चाहिए, ताकि अतिरिक्त पानी निकल जाए। 2 से 3 इंच गहरी ट्रे उपयुक्त रहती है।

- अगर बीज सूरजमुखी या मटर के हैं, तो उन्हें कुछ घंटों के लिए पानी में भिगोकर रखें। इसके बाद बीजों को मिट्टी के ऊपर समान रूप से फैला दें। बीजों के ऊपर मिट्टी नहीं डालनी है, बस हल्की नमी बनाए रखें।
- शुरुआती 2 से 4 दिनों तक ट्रे को अंधेरी जगह पर रखें। चाहें तो ट्रे को एक-दूसरे के ऊपर भी रख सकते हैं। जब लगभग 80 से 90 प्रतिशत बीज अंकुरित हो जाएँ, तब ट्रे को ऐसी जगह रखें जहाँ सीधी धूप आती हो।
- ध्यान रखें कि फफूंदी न लगे, इसके लिए पानी की निकासी अच्छी होनी चाहिए। पानी हमेशा नीचे से ही दें।
- 7 से 21 दिनों के भीतर माइक्रोग्रीन्स तैयार हो जाते हैं। कुछ माइक्रोग्रीन्स केवल 10 दिन में ही तैयार हो जाते हैं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि कौन-सा बीज लगाया है।
- जब पत्तियाँ निकल आएँ और लंबाई 2 से 3 इंच हो जाए, तब कैंची या तेज़ धार वाले चाकू से ऊपर से काट लें और उपयोग करें।
माइक्रोग्रीन्स सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। इनमें विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट जैसे कई पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं। यह सामान्य हरी सब्ज़ियों की तुलना में अधिक पोषण प्रदान करते हैं।

नमस्ते, मैं निकिता सिंह । मैं 3 साल से पत्रकारिता कर रही हूं । मुझे खेती-किसानी के विषय में विशेषज्ञता प्राप्त है। मैं आपको खेती-किसानी से जुड़ी तरो ताजा खबरें बताउंगी। मेरा उद्देश्य यही है कि मैं आपको ‘काम की खबर’ दे सकूं । जिससे आप समय के साथ अपडेट रहे, और अपने जीवन में बेहतर कर सके। ताजा खबरों के लिए आप https://khetitalks.com के साथ जुड़े रहिए । धन्यवाद













