प्रदेश के 25 हजार रु किसानों को फॉर्म पौंड निर्माण के लिए अनुदान दिया जाएगा। लॉटरी के माध्यम से उन किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्हें पहले इस योजना का लाभ नहीं मिला है। आइए जानते हैं कि तालाब निर्माण पर कितनी सब्सिडी मिलेगी और किन किसानों को इसका फायदा होगा।
तालाब पर सब्सिडी किसे मिल रही है?
खेती के लिए किसानों को सिंचाई में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है, खासकर समय पर पानी न मिलने के कारण। इसी समस्या को देखते हुए सरकार तालाब निर्माण पर सब्सिडी दे रही है। जैसा कि आप जानते हैं, राजस्थान के किसानों को पानी की अधिक समस्या रहती है। ऐसे में तालाब एक अच्छा विकल्प है, जहाँ किसान पानी को लंबे समय तक और बड़े पैमाने पर संग्रहित कर सकते हैं। इससे वे बरसात के अलावा अन्य मौसम में भी सिंचाई कर सकते हैं और खेती जारी रख सकते हैं।
राज्य सरकार ने मनरेगा के अंतर्गत प्रदेश में 25,000 तालाब बनाने का निर्णय लिया है। इससे 41 जिलों के 25,000 किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। आइए जानते हैं इस योजना का पूरा विवरण।
खेत तलाई योजना
खेत तलाई योजना के तहत प्रदेश के 41 जिलों में आवश्यकता के अनुसार अलग-अलग संख्या में तालाब बनाए जाएंगे। जैसे कुछ जिलों में अधिक तालाब बनेंगे, तो कुछ में कम। यह संख्या जिले की जरूरत और किसानों की मांग के आधार पर तय की जाएगी। यदि किसान प्लास्टिक लाइनिंग वाला तालाब बनवाते हैं, तो उन्हें 90% तक अनुदान दिया जाएगा।
अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति, लघु एवं सीमांत किसानों को 70% तक अनुदान अन्य पिछड़ा वर्ग 80% तक अनुदान, सामान्य वर्ग के किसान 60% तक अनुदान यदि किसी किसान को 60% अनुदान मिलता है, तो कुल लागत में से लगभग 1.20 लाख रुपये तक की राशि अनुदान के रूप में दी जाएगी।
किसानों को तालाब के क्या-क्या फायदे हैं?
तालाब निर्माण से किसानों को कई फायदे मिलते हैं। किसान बारिश के पानी को संग्रहित कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर अन्य मौसम में भी सिंचाई कर सकते हैं। मनरेगा के अंतर्गत राजस्थान में 25,000 फॉर्म पौंड बनाने के लिए बजट को स्वीकृति मिल चुकी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश के 41 जिलों में ये तालाब बनाए जाएंगे।
लॉटरी में पहले वंचित रहे किसानों को इस बार प्राथमिकता दी जाएगी। योजना का लाभ लेने के लिए पहले आवेदन करना होगा, उसके बाद स्थल निरीक्षण किया जाएगा। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद अनुदान राशि किसानों के खाते में सीधे ट्रांसफर की जाएगी।
सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर खेत तलाई योजना के तहत तालाब पर अनुदान दिया जाएगा। इस योजना में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, लघु और सीमांत किसानों को अधिक लाभ मिलेगा, जिनके लिए अनुदान की दर 90% तक रखी गई है।

नमस्ते, मैं निकिता सिंह । मैं 3 साल से पत्रकारिता कर रही हूं । मुझे खेती-किसानी के विषय में विशेषज्ञता प्राप्त है। मैं आपको खेती-किसानी से जुड़ी तरो ताजा खबरें बताउंगी। मेरा उद्देश्य यही है कि मैं आपको ‘काम की खबर’ दे सकूं । जिससे आप समय के साथ अपडेट रहे, और अपने जीवन में बेहतर कर सके। ताजा खबरों के लिए आप https://khetitalks.com के साथ जुड़े रहिए । धन्यवाद










