गाजर-मटर और चुकंदर की खेती के लिए 9 हजार रु तक सब्सिडी दे रही सरकार, जानिए किन दस्तावेजों के साथ कहां करें आवेदन

On: Sunday, December 7, 2025 12:32 PM
सब्जियों की खेती के लिए अनुदान कितना मिल रहा है?

रबी सीजन में सब्जियों की खेती करना चाहते हैं तो आपको सरकार से अनुदान मिल रहा है। आइए जानते हैं पूरी योजना के बारे में।

सब्जियों की खेती के लिए अनुदान कितना मिल रहा है?

सब्जियों की खेती के लिए जिले के किसानों को अनुदान दिया जा रहा है, जिससे खेती की लागत कम हो और किसानों को अधिक मुनाफा मिल सके। सरकार किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए अनुदान दे रही है, जिसमें गाजर, मटर और चुकंदर जैसी सब्जियों की खेती के लिए इस समय विशेष अनुदान उपलब्ध है। इन सब्जियों की खेती पर किसानों को 75% तक अनुदान मिल रहा है। यदि गाजर व मटर की खेती करते हैं तो प्रति हेक्टेयर लगभग ₹10,000 का खर्च आता है, जिस पर किसानों को ₹7,500 अनुदान मिलेगा।

वहीं चुकंदर की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर ₹12,000 की लागत पर ₹9,000 का अनुदान मिलेगा। इसके अलावा अन्य सब्जियों की खेती के लिए भी अनुदान दिया जा रहा है, जिसके लिए किसान कृषि विभाग से संपर्क कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि किस जिले के किसानों को इसका लाभ मिलेगा।

किस जिले के किसानों को मिल रहा है सब्जी की खेती के लिए अनुदान?

विभिन्न जिलों के उद्यान विभाग द्वारा समय-समय पर किसानों को कई तरह के अनुदान दिए जाते हैं। इस समय लखीसराय जिला में उद्यान विभाग द्वारा किसानों को सब्जी की खेती के लिए अनुदान दिया जा रहा है. यहाँ किसान 0.25 एकड़ से लेकर 2.5 एकड़ तक की खेती पर बीजों के लिए अनुदान ले सकते हैं। सब्जी के बीज पर ₹1,000 से लेकर ₹10,000 तक की मात्रा में अनुदान मिलेगा।

आपको बता दें कि लखीसराय उद्यान विभाग द्वारा हरा मटर, गाजर, चुकंदर, बैंगन आदि सब्जियों की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें हरा मटर करीब 20 हेक्टेयर, चुकंदर 30 हेक्टेयर तक, और गाजर 30 हेक्टेयर का उत्पादन लक्ष्य तय किया गया है।

सब्जियों की खेती पर अनुदान कैसे मिलेगा?

लखीसराय जिले के किसान यदि सब्जियों की खेती के लिए अनुदान लेना चाहते हैं तो उन्हें विभाग में जाकर आवेदन करना होगा। इसके लिए किसानों के पास अपनी जमीन से जुड़े कागजात होने चाहिए। इस योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए किसान प्रखंड उद्यान पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। किसी भी समस्या की स्थिति में जिला उद्यान पदाधिकारी से शिकायत भी कर सकते हैं। इस योजना का उद्देश्य किसानों को सब्जियों की खेती में आर्थिक सहायता प्रदान करना है।

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